छत्तीसगढ़

सौम्या कामधेनु गौमाता को विश्व की सबसे लम्बी पूंछ होने पर मिला गोल्डन बुक आॅफ विश्व रिकार्ड

रायपुर। मनोहर गौशाला, खैरागढ़ की सौम्या कामधेनु गौमाता को विश्व की सबसे लम्बी पूंछ होने का गोल्डन बुक आॅफ विश्व रिकार्ड प्राप्त हुआ है। जो कि सम्पूर्ण भारतवर्ष के लिये गौरवमयी है। 15 अक्टूबर का यह गोल्डन बुक आॅफ विश्व रिकार्ड के साथ ही साथ गौ अर्क का 11000 वां वितरण भी पूर्ण हुआ।

ट्रस्ट के पदम् डाकलिया ने बताया कि सौम्या कामधेनु को विश्व की सबसे लम्बी पूँछ होने का गोल्डन बुक आॅफ विश्व रिकार्ड का अलंकरण (प्रमाण-पत्र) नवल किशोर राठी ने प्रदान किया। इस अवसर पर भारतीय जैन संघटना के राज्य अध्यक्ष पंकज चोपड़ा, महासचिव मनोज लुंकड़ एवं मनोहर गौशाला के ट्रस्टी महेन्द्र लोढ़ा, शांतिलाल कोठारी, पुखराज कोठारी, प्रवीण पारख, पदम डाकलिया और श्रीमती सपना डाकलिया व अग्रवाल समाज के प्रमुख दीपक अग्रवाल, रायपुर जैन समाज के समाज सेवी राजेश बरलोटा, सुरेश बूरड, सम्पत लाल कोठारी और सैकड़ों समाजसेवी भी उपस्थित रहे।

डाकलिया ने जानकारी दी कि विगत सात वर्षों से मनोहर गौशाला खैरागढ़, में बुढ़े, निराश्चित और नेत्रविहीन गौवंशों की सेवा में समर्पित हैं। देवगुरू एवं धर्म की कृपा से उन्हें नियमित प्रभु के दर्शन प्राप्त हो रहें हैं। इस भाव से यहां कार्य संचालन जारी है। मनोहर गौशाला में गौमूत्र के अलग-अलग प्रभावों पर शोध कार्य भी किया जा रहा है। शोध से प्राप्त गौमूत्र विभिन्न गंभीर रोग जैसे कैंसर आदि के इलाज में उपयोगी है। जिसका बहुतायत उपयोग सम्पूर्ण प्रदेश एवं देश में किया जा रहा है, जिसकी समारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। मनोहर गौशाला में गौ गोबर से खाद भी निर्मित की जाती है इस खाद के प्रयोक से सूक्ष्म एवं फसल में हानिकारक कीट भी समाप्त हो जाते हैं। यह कृषक भाइयों की फसलों को कीड़े मकोड़ों से भी बचाता है। मनोहर गौशाला में गौमूत्र से फसल को बचाने एवं उपयोगी बनाने के लिए फसल अमृत पर भी शोध जारी है।

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