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कनाडा में बहुमत से चूंकी लिबरल पार्टी, पर सत्ता में लौटे जस्टिन ट्रूडो

नई दिल्ली 
कनाडा के लोगों ने एक बार फिर जस्टिन ट्रूडो को अपने प्रधानमंत्री के रूप में चुना है। कनाडा में पहले चरण का मतदान होने के बाद आए परिणामों से बाद पता चला है कि देश के मौजूदा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की पार्टी सत्ता में वापसी कर रहे हैं। लेकिन बहुमत हासिल करने के लिए ट्रूडो ने जो जुआ खेला था उसमें वे हारते नजर आए। लेकिन इसबे बावजूद रूकी कंजर्वेटिव नेता एरिन ओ'टोल के खिलाफ लड़े गए चुनाव में कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो सोमवार को सत्ता में लौट आए हैं।

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में बहुमत हासिल करने के लिए मध्यावधि चुनाव कराने का जुआ खेला था, लेकिन इससे उनपर सत्ता से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था। ट्रूडो की लिबरल पार्टी और प्रतिद्वंद्वी कंजर्वेटिव पार्टी के बीच कांटे की टक्कर थी। हालांकि इन सब के बाद लिबरल पार्टी को 338 में से 156 सीटों पर आगे थी और कंजरवेटिव्स को 123 पर। ब्लॉक क्यूबेकॉइस पार्टी 29 सीटों पर आगे थी और 28 पर लेफ्टिस्ट न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी। इसके अलावा द ग्रीन्स 2 सीटों पर थी।

ट्रूडो ने 2015 में अपने पिता एवं दिवंगत प्रधानमंत्री पियरे ट्रूडो की लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए चुनाव जीता था, लेकिन उनसे अत्यधिक अपेक्षाओं, घोटालों और वैश्विक महामारी के बीच चुनाव कराने के पिछले महीने लिए गए फैसले से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा था।  ट्रूडो दुनिया के अधिकतर देशों की तुलना में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से बेहतर तरीके से निपटे और उन्हें भरोसा था लोग इसके लिए उन्हें पुरस्कृत करेंगे और लोगों ने ऐसा ही किया।

ट्रूडो ने देश की जनता को चेताया कि उनके प्रतिद्वंद्वी महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर करेंगे। उन्होंने कहा कि कनाडा के लोगों को ऐसी सरकार की जरुरत है, जो विज्ञान पर भरोसा करे। उन्होंने मांट्रियल में रविवार को चुनाव प्रचार अभियान समाप्त करते हुए कहा था, ''हमें कंजर्वेटिव सरकार की जरुरत नहीं है, जो टीकाकरण के क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सकेगी और न ही विज्ञान के क्षेत्र में हमें उसकी जरुरत है।''

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