स्वास्थ्य

डाइट में शामिल करें ये 8 सुपरफूड, फेफड़े बने रहेंगे स्वस्थ

राजधानी की हवा दूषित हो रही है। लोग घर से बाहर निकलते ही घुटन महसूस कर रहे हैं। हवा की क्वालिटी खराब होने के कारण सांस तक लेना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में बढ़ते प्रदूषक श्वासन संबंधी बीमारियों जैसे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एंफासेमा से लेकर दिल के रोगी और डायबिटीज तक की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं।

इसलिए इस समय अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लेना। कई शोधों से पता चला है कि पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने से फेफड़ों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है। यहां तक की ये आहार लंग डैमेज सहित बीमारी के लक्षणों को भी कम कर सकते हैं। तो आइए यहां हम आपको कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जो प्रदूषकों के हानिकारक प्रभाव से आपकी रक्षा करने में आपकी मदद करेंगे।

प्रदूषण से आपका बचाव करेंगे ये खाद्य पदार्थ

सेब
कई शोधों से पता चलता है कि नियमित रूप से सेब खाने से फेफड़े ठीक से काम करते हैं। अध्ययनों के अनुसार सेब का सेवन धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कार्य में बाधा पैदा करता है। ncbi की एक स्टडी के अनुसार, हर सप्ताह 5 या इससे ज्यादा सेब खाने से फेफड़ों के काम करने की क्षमता डबल और सीओपीडी का रिस्क भी कम हो जाता है। सेब का सेवन करने से अस्थमा और फेफड़ों के कैंसर की संभावना भी काफी कम हो जाती है।

कद्दू-
फेफड़ों की सुरक्षा के लिए आप अपने आहार में कद्दू को शामिल कर सकते हैं। दरअसल, कद्दू में कई तरह के प्लांट कंपाउंड होते हैं, जो बीटा कैरोटीन, ल्यूटीन और जैक्सेंथिन सहित कैरीटेनॉइड से भरपूर हैं। इन सभी में पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण हैं। इसलिए जो लोग धूम्रपान करते हैं, उन्हें कद्दू जैसे कैरीटीनॉइड खाद्य पदार्थ को सेवन करने से काफी फायदा हो सकता है।

मसूर की दाल

मसूर में र्मैग्रीशियम, आयरन, कॉपर और पोटेशियम जैसे सभी पोषक तत्व फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। कई शोधों से पता चला है कि मेडिटेरेनियन डाइट पैटर्न फॉलो करने से धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता अच्छी हो जाती है। साथ ही फाइबर से भरपूर दाल खाने से कैंसर और सीओपीडी से बचाव में मदद मिल सकती है।

ग्रीन टी-
ग्रीन टी बहुत से लोग वजन कम करने के लिए पीते हैं, लेकिन वे नहीं जानतें होंगे कि यह फेफड़ों के लिए कितनी अच्छी है। PubMed Central के इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलीक्यूलर साइंसेस में छपी एक स्टडी के अनुसार, ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट एक कैटेचिन होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेट्री से भरपूर है और टिश्यू स्कार को रोकने में भी मददगार है। कई शोंधों से पता चलता है कि EGCG इस बीमारी के इलाज में मददगार है।

​चुकंदर –
चुकंदर आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने का सबसे बढिया तरीका है। इसमें नाइटे्रट यौगिक होते हैं, जो फेफड़ों के काम में इंप्रूवमेंट लाते हैं। PubMed Central में छपे ब्रिटिश जर्नल ऑफ क्लीनिकल फार्माकोलॉजी के अनुसार, नाइट्रेट ब्लड वेसेल्स को आराम देने , ब्लड प्रेशर को कम करने और ऑक्सीजन के अवशोषण को सुधारने में मदद करते हैं। इसके अलावा चुकंदर मैग्नीशियम, पोटेशियम, , विटामिन -सी और कैराटीनॉइड एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। ये सभी फेफड़ों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं।

हल्दी-
हल्दी आमतौर पर अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेट्री गुणों के कारण जानी जाती है। यह स्वास्थ्य से जुड़ी लगभग हर बीमारी के लिए फायदेमंद है। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन फेफड़ों के काम को सपोर्ट करने के लिए बहुत फायदेमंद है। PubMed Central में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार करक्यूमिन के सेवन से फेफड़ों के काम करने की क्षमता अच्छी होती है। वास्तव में धूम्रपान करने वालों में करक्यूमिन का सेवन 9.2 प्रतिशत ज्यादा फेफड़ों से जुड़ा हुआ है।

दही
प्रदूषण के कारण जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, उन्हें दही का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इसमें कैल्शियश्म, पेाटेशियम, फास्फोरस और सेलेनियम होता है। शोध के अनुसार, ये पोषक तत्व फेफड़ों के काम को बढ़ावा देने और सीओपीडी के रिस्क को कम कर देते हैं।

कॉफी
आपके एनर्जी लेवल को बूस्ट करने के अलावा कॉफी फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। कॉफी का सेवन फेफड़ों के कार्य को बेहतर बनाने और सांस की बीमारियों से बचाने में मदद करता है। अस्थमा से पीड़ित लोगों में लक्षणों को कम करने के लिए कॉफी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

पौष्टिक खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार का सेवन करना फेफड़ों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करने का एक स्मार्ट तरीका है। यहां बताए गए सभी खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने का प्रयास करें और स्वस्थ रहें।

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