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FASTag को लेकर बड़ी खबर, दोगुना जुर्माना

नई दिल्ली
FASTag को सरकार ने सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया है। अब टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन में जिन वाहनों में इनवैलिड या नॉन-फंक्शनल फास्टैग होगा उन्हें दोगुना टोल फी चुकानी पड़ेगी। मिनस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाइवेज ने अपनी लेटेस्ट नोटिफिकेशन में यह जानकारी दी है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि नैशनल हाइवे फी रूल्स, 2008 के तहत अब जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें दोगुने पैसे चुकाने पड़ेंगे।

याद दिला दें कि 1 दिसंबर, 2019 से फास्टैग या इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रभाव में आया। इस प्रोग्राम का मकसद है कि टोल प्लाजा पर कैशलेस पेमेंट के जरिए टोल प्लाजा पर नॉन-स्टॉप वाहनों का आवाजाही और ट्रैफिक कम करना है।

PIB की रिलीज के मुताबिक, 'मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाईवेज ने 15 मई, 2020 को GSR 298 E नाम से एक नोटिफिकेशन जारी कर नैशनल हाइवेज फी रूल्स, 2008 में संशोधन किया है। इसके अनुसार, अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं होता है या फिर फास्टैग चालू और वैलिड नहीं है और वह टोल प्लाजा की 'फास्टैग लेन' में घुस जाता है तो उन्हें उस कैटिगरी के वीकल पर लगने वाले शुल्क का दोगुना चार्ज देना पड़ेगा।'

FASTags कहां से खरीदें?
फास्टैग को सभी टोल प्लाजा या बैंक जैसी ऑथराइज्ड एजेंसी से खरीदा जा सकता है। सरकार ने 23 सार्वजनि और प्राइवेट बैंको को वाहनों के लिए इन RFID-बेस्ड टैग जारी करने की अनुमति दी है। नैशनल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ही सेंट्रल क्लियरिंग हाउस फॉर फास्टैग्स के तौर पर भी काम करती है।

फास्टैग खरीदने के लिए वाहन मालिकों को इन बैकों की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन जानकारी सबमिट करनी होती है। इसके अलावा वाहन मालिक किसी भी पॉइंट ऑफ सेल (POS) लोकेशन/बैंक के ऑथराइज्ड एजेंट सेल्स ऑफिस में जाकर भी फास्टैग अकाउंट बनवा सकते हैं। इसके लिए वाहन के साथ-साथ KYC डॉक्युमेंट्स और ओरिजिनल डॉक्युमेंट्स साथ रखने की जरूरत होती है।

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