मध्य प्रदेश

प्रदेश कर्मचारियों का महंगाई भत्ता नवंबर में 5 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद

भोपाल
 मध्य प्रदेश  के सरकारी कर्मचारियों  का इंतजार खत्म होने वाला है। केंद्र की मोदी सरकार और अन्य राज्यों द्वारा 7th pay commission  के तहत महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने के बाद अब मप्र के  कर्मचारियों को भी जल्द बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।शिवराज सरकार 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है, इससे कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी। संभावना जताई जा रही है कि मप्र उपचुनाव के बाद शिवराज सरकार डीए/डीआर और प्रमोशन को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

दरअसल, वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 12% महंगाई भत्ता (DA/DR) मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए इसे बढ़ाकर 28% कर चुकी है, वही अन्य राज्यों में भी इसका लाभ मिलना शुरु हो गया है, जिसके चलते दिनों दिन कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि  मप्र उपचुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) कर्मचारियों और पेंशनरों का 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (Dearness Allowance ) व राहत बढ़ा सकती है।।इसके लिए वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज चुका है। अब इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अंतिम फैसला लेना है।

वही इस संबंध में हाल ही में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी संकेत दिए थे और कहा था कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को दीवाली से पहले खुशखबरी मिलेगी, कर्मचारी भाई थोड़ा धैर्य रखे। प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों का बराबर ध्यान रखती है।  इससे सरकार पर 350 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा। माना जा रहा है कि सरकार नवंबर में आचार संहिता के हटते ही 5 प्रतिशत मंहगाई भत्ते का आदेश जारी कर सकती है। इससे प्रदेश के 7 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा, हालांकि बीते दिनों कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा चुका है।
बड़े आंदोलन की तैयारी में कर्मचारियों

महंगाई भत्ते और राहत की घोषणा में हो रही देरी के चलते मध्य प्रदेश के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जता चुके है और अब मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा (Madhya Pradesh Government Employees) 4 चरणों में आंदोलन करने जा रहा है।22 अक्टूबर को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन होगा। अगर इसके बाद भी शिवराज सरकार ने डीए और प्रमोशन समेत 5 सुत्रीय मांगों पर फैसला नहीं लिया तो 28 अक्टूबर के बाद दफ्तरों में तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद भी अगर मांगे पूरे नहीं हुई तो 29 अक्टूबर के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।इसमें प्रमोशन के आरक्षण (Promotion in Reservation) का मुद्दा भी शामिल है, क्योंकि लगातार देरी के चलते हर साल कर्मचारी इसका लाभ लिए बगैर ही रिटायर होते जा रहे है।
ये है प्रमुख मांगे

  •     1 जुलाई 2020 एवं 1 जुलाई 2021 की वेतन वृद्धि में एरियर की राशि का भुगतान किया जाए।
  •     प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से 16% प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान किया जाए।
  •     अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रोसेस जल्द शुरू हो।
  •     गृह भाड़ा भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों की तरह मप्र के अधिकारी-कर्मचारियों को भी दिया जाए।
  •     स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ भी मिलें।
  •     विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति सेवा अवधि अनुासार पदनाम, नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के निराकरण दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी, स्थायीकर्मी, आउटसोर्शिंग कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  •     अनुकंपा नियुक्ति के सरलीकरण को लेकर वरिष्ठ मंत्री की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। समिति के निर्णय का तत्काल पालन हो।
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