राजनीति

ममता बनर्जी की घेरेबंदी तेज कर रही भाजपा, 2024 के लिए मेगा प्लान, स्मृति और धर्मेंद्र प्रधान को किया तैनात

कोलकाता नई दिल्ली
 
भाजपा ने 2019 के आम चुनाव में बंगाल में 42 में से 18 सीटें जीतकर चौंका दिया थाा और अब एक बार फिर से पार्टी अपनी जमीन को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। भाजपा की तैयारी है कि भले ही वह और मजबूत न हो पाए, लेकिन पुराना स्कोर जरूर दोहरा ले। इसके तहत उसने तीन केंद्रीय मंत्रियों को बंगाल मिशन पर तैनात कर दिया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में दो विधानसभा और 2 लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत के शिल्पकार कहे जाने वाले सुनील बंसल को बंगाल का प्रभारी बना दिया गया है। उन्हें कल ही पार्टी ने प्रमोशन देते हुए राष्ट्रीय महासचिव बनाया था और तीन राज्यों का प्रभार दिया था।

मिशन बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिम्मेदारी दी गई है। ये तीनों नेता बंगाल के मुद्दों को समझने में जुटे हैं और पार्टी के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के मुकाबले बड़ी हार होने के बाद से ही पार्टी लोकसभा के लिए सतर्क है। चर्चाएं हैं कि राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा को भी बंगाल में सक्रिय किया जा सकता है। बंगाल के गवर्नर रहे जगदीप धनखड़ अब उपराष्ट्रपति बन गए हैं। ऐसे में पार्टी अलग-अलग तरीकों से टीएमसी पर दबाव बनाना चाहेगी। हाल ही में पार्टी लीडरशिप की ओर से स्टेट यूनिट को कहा गया है कि वह उन आरोपों की काट खोजे, जिसमें कहा गया है कि भाजपा और टीएमसी के बीच डील हो गई है।

महिला वोटरों वाली सीट पर स्मृति ईरानी को जिम्मा

दरअसल धर्मेंद्र प्रधान के पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी से अच्छे संबंध हैं। ऐसे में भाजपा ने उन्हें सभी 42 लोकसभा सीटों का प्रभार सौंप दिया है। 2021 के चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के साथ धर्मेंद्र प्रधान सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि स्मृति ईरानी को उन क्षेत्रों का जिम्मा दिया जा सकता है, जहां महिला मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं और बीते साल ममता बनर्जी की पार्टी को वहां जीत मिली थी। धर्मेंद्र प्रधान और स्मृति ईरानी दोनों ही बांग्ला बोल लेते हैं। ऐसे में बंगाल की सियासत में उनका घुल-मिल जाना आसान है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया को फिलहाल दमदम लोकसभा सीट का प्रभार दिया गया है।

क्यों धर्मेंद्र प्रधान और स्मृति ईरानी पर है लीडरशिप का भरोसा

बंगाल विधानसभा चुनाव में हार को लेकर तथागत रॉय जैसे वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाए थे कि बंगाल से बाहर के 4 नेताओं की वजह से ऐसा हुआ है। दरअसल ऐसे कई नेता थे, जो बंगाल के बारे में कम ही जानकारी रखते थे। ऐसे में भाजपा ने अब उन नेताओं को जिम्मा दिया है, जो बंगाल के बारे में जानकारी रखते हैं और वहां की बोली में बात कर सकते हैं। धर्मेंद्र प्रधान और स्मृति ईरानी को इसीलिए जिम्मेदारी दी गई है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close