राजनीति

BJP में सिंधिया का विरोध, कांग्रेस को मिला मौका!

भोपाल
उपचुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस खेमे में खलबली मच गई है। सोमवार को बीजेपी ने कांग्रेस को झटका देते हुए, सांवेर के 6 कांग्रेसी नेताओं को पार्टी में शामिल करवाया। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू ने फिर से बागी रूख अख्तियार कर लिया है। प्रेमचंद गुड्डू ने सिंधिया के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। बीजेपी में रहते हुए, पहली बार किसी नेता ने सिंधिया का खुलकर विरोध किया है।

साथ ही प्रेमचंद गुड्डू ने पार्टी छोड़कर जाने के संकेत भी दिए हैं। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए प्रेमचंद गुड्डू ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर खूब हमला किया है। गुड्डू ने सांवेर सीट से तुलसी सिलावट को चुनाव हराने का भी दंभ भरा है। उपचुनाव में सांवेर से बीजेपी सिंधिया के करीबी और सरकार में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलाट को ही टिकट देगी।

सिंधिया की वजह से ही कांग्रेस छोड़ा
सांसद और विधायक रहे प्रेमचंद गुड्डू ने कहा है कि मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आया हूं। कांग्रेस में रहते हुए भी गुड्डू ने एक बार सिंधिया पर हमला किया था। गुड्डू ने कहा कि उनके बीजेपी में आने के बाद से यहां भी वैसे ही हालात बन गए हैं। प्रेमचंद गुड्डू सांवेर में भी उपचुनाव की तैयारियों में लग गए हैं। उन्होंने सोमवार को स्थानीय नेताओं के साथ बैठक भी की।

सिंधिया परिवार पर हमला
प्रेमचंद गुड्डू ने सिंधिया परिवार पर हमला करते हुए कहा कि गद्दारी उस परिवार के डीएनए में है। जब किला मैदान में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा का अनावरण हो रहा था, तब मैंने राजस्थान की तत्कालीन सीएम को बुलाने का विरोध किया था। गुड्डू ने कहा कि मैं यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष था, तब माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दिया था। जब पार्टी में फिर उन्होंने वापसी की तो दबाव बनाकर मुझे पद से हटवा दिया। अपने हमलावर तेवर से प्रेमचंद गुड्डू ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ज्यादा दिन तक बीजेपी में रहने वाले नहीं हैं।

कौन हैं प्रेमचंद गुड्डू
प्रेमचंद गुड्डू एससी-एसटी वर्ग से आते हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में कभी होती थी। वह अलोट से विधायक और उज्जैन से सांसद रहे हैं। सांवेर में गुड्डू की मजबूत पैठ है। कांग्रेस में दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस भी चाहती है कि सांवेर में सिलावट को मात देने के लिए कोई कद्दावर नेता ही चाहिए।

गौरतलब है कि बीजेपी में प्रेमचंद गुड्डू को लेकर कैलाश विजयवर्गीय आए थे। प्रेमचंद गुड्डू ने कैलाश विजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। सिंधिया के पार्टी में आने के बाद से उनकी अनदेखी हो रही है। सिंधिया के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर मध्यप्रदेश बीजेपी ने उन्हें शोकॉज नोटिस भी जारी किया है।

 

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