उत्तर प्रदेश

 हिंसा के बाद एक्शन में योगी सरकार, 10 हजार पर FIR, 600 से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

 
लखनऊ 

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment act) पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में हालात काफी खराब हैं. यहां हिंसा में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. उधर, पुलिस ने भी उपद्रवियों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. प्रदेश भर में करीब 10000 लोगों पर FIR दर्ज किए गए हैं. जबकि 600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. अकेले मेरठ जोन में 250 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

सीएम का कार्यक्रम रद्द

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश के गवर्नर से मुलाकात की. माना जा रहा है कि दोनों के बीच सूबे के हालात को लेकर चर्चा हुई. उधर, सीएम आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम के शनिवार के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए. आदित्यनाथ को अमेठी भी जाना था. उधर, डीजीपी ओपी सिंह शनिवार को लखनऊ में सड़क पर उतरे. डीजीपी और लखनऊ के एसएसपी ने पुराने शहर में घूमकर हालात का जायजा लिया.

हिंसा में बाहरियों का हाथ?

डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि हिंसा में बाहरियों का हाथ हो सकता है. डीजीपी ने एनजीओ और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी संदेह जताया और कहा कि सभी एंगल से जांच चल रही है. उधर, पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि लखनऊ में हिंसा करने वाले गिरफ्तार लोगों में 6 पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले हैं. इसके अलावा, हिंसा करने वाले कई उपद्रवी लखनऊ छोड़कर भाग चुके हैं.

पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

प्रयागराज, गाजियाबाद, बहराइच, हापुड़, लखनऊ, बाराबंकी समेत प्रदेश के विभिन्न जगहों पर हुई हिंसा के मामले में करीब 10000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. गाजियाबाद में 3600 लोगों पर केस दर्ज किया गया है. वहीं, राजधानी लखनऊ में 218 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. उधर, गोरखपुर पुलिस ने ट्वीट करके बताया कि शुक्रवार को हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है. आरोपियों की तस्वीर शेयर करते हुए गोरखपुर पुलिस ने ऐलान किया कि सूचना देने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा.
 
उपद्रवियों की संपत्ति होगी कुर्क
उधर, योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है.आरोपियों पर जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएगी. उधर, सीएम योगी की ओर से दोबारा चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्तियों को जब्त करके की जाएगी.

हिंसा में अब तक 15 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में अभी तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें मेरठ में 4, फिरोजाबाद में 2, बिजनौर, कानपुर और संभल में 2-2 व  लखनऊ, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में 1-1 शख्स की मौत हुई है. पुलिस के मुताबिक मेरठ में 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं. उधर, बिजनौर के विभिन्न थानाओं में 11 केस दर्ज किए हैं और 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
 
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने पुनः इस बात को दोहराया है कि जहां भी सार्वजनिक संपत्ति को उपद्रवियों ने क्षति पहुंचायी है, उस संपत्ति की भरपाई, वीडियो फुटेज तथा अन्य पुष्ट प्रमाणों के आधार पर चिन्हित किए जा रहे उपद्रवियों की संपत्तियों को जब्त करके की जाए।
 
इसके अलावा, अमरोहा में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में 55 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. करीब 1500 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. वाराणसी के भेलपुर पुलिस ने भी दो एफआईआर दर्ज किया है. इनमें से एक एफआईआर में 17 लोगों के नाम हैं.

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