छत्तीसगढ़

सुपोषण अभियान व महिला सशक्तिकरण राज्योत्सव की बना शान

रायपुर
20 वें राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव में इस बार महिला एवं बाल विकास विभाग ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कुपोषण एवं एनिमिया मुक्त छत्तीसगढ़ तथा महिला सशक्तिकरण जैसे अभियान इस बार अपनी विशिष्ट छाप बनाये हुए हैँ।

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान एवं महिला सशक्तिकरण  थीम आधारित प्रदर्शनी में सबसे पहले मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत कुपोषण एवं एनिमिया की पहचान तथा जिलेवार कुपोषण एवं एनिमिया का प्रतिशत को दशार्ती प्रदर्शनी लगायी गयी है। प्रदर्शनी में कुपोषण तथा एनिमिया के पहचान और इससे होने वाली हानि के संबंध में बताया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के 2 अक्टूबर से हुए शुभारंभ, एनिमिया पीड़ित महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को दी जाने वाली पौष्टिक आहार की प्रदर्शनी लगाई गई है। विभागीय योजनाओं के माध्यम से कुपोषण मुक्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास को चित्रों के माध्यम से दशार्या गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, मुख्यमंत्री अमृत योजना, सुपोषण चौपाल इत्यादि की चित्रात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है। कुपोषण मुक्ति हेतु पोषण पुर्नवास केन्द्र भी जिलेवार दशार्या गया है तथा कुपोषण एवं एनिमिया मुक्त हेतु छत्तीसगढ़ की स्थानीय हरी सब्जियों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। रायपुर जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत नवाचार के रूप में चलाए जा रहे लक्ष्य सुपोषण योजना को भी प्रदर्शनी में दिखाया गया है। राष्ट्रीय पोषण अभियान को भी स्टॉल में दिखाया गया है।

महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा हेतु छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना, सक्षम योजना के माध्यम से महिला स्वरोजगार को प्रदर्शित किया गया है। महिला सुरक्षा हेतु वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्प लाईन 181 की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। महिलाओं के द्वारा स्वरोजगार के माध्यम से उत्पादित सामग्री का स्टॉल लगाकर उनकी बिक्री का प्रबंध भी किया गया है, जिससे महिलाओं के निर्मित सामानों को बाजार उपलब्ध हो और उन्हें आय भी हो सके।

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