व्यापार

सुंदर पिचाई को 1720 करोड़ रुपये का पैकेज, सबसे अधिक वेतन-भत्ते पाने में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क टॉप पर

 न्यूयॉर्क 
गूगल की मातृ कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को 1720 करोड़ रुपये का पैकेज मिलेगा। इसमें 1706 करोड़ रुपये (240 मिलियन डॉलर) के शेयर और 14.22 करोड़ रुपये का सालाना वेतन शामिल है। पिचाई का नया वेतन पैकेज जनवरी 2020 से लागू होगा। उनके वेतन में करीब 200 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह सर्च इंजन गूगल में अब तक किसी भी सीईओ को दिया गया सबसे बड़ा पैकेज है।
 
पिचाई को अगले तीन साल में यह राशि तब मिलेगी जब वह अपने सभी लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। अगर एस एंड पी 100 इंडेक्स में अल्फाबेट का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो पिचाई को 639 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) और मिलेंगे। पिचाई को पिछले महीने ही इस नौकरी के लिए चुना गया था जब गूगल के को-फाउंडर्स लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने अपने पद छोड़ दिए थे। उनको गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का भी सीईओ बनाने का ऐलान 4 दिसंबर को हुआ था।
 

2016 में 1422 करोड़ : सुंदर पिचाई को इससे पहले भी ऐसे बड़े पैकेज मिलते रहे हैं। उनको 2016 में ऐसे ही 1422 करोड़ रुपये (200 मिलियन डॉलर) का पैकेज दिया गया था। पिचाई ने 2018 में ऐसे ही एक पैकेज लेने से इनकार कर दिया था। पिचाई लंबे समय से बतौर गूगल में बतौर कर्मचारी काम किया। गूगल के पॉपुलर ब्राउजर क्रोम और गूगल एंड्रायड टीम के लीडर के तौर पर काम किया है। पिचाई ने गूगल के कुछ और लोकप्रिय उत्पाद जीमेल, और एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर भी काम किया है। वह 2015 में गूगल के सीईओ बने थे।
 
सबसे अधिक वेतन-भत्ते पाने में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का रिकॉर्ड है। उन्हें साल 2018 में 3591 करोड़ रुपये का पैकेज मिला था। उन्हें फोर्ब्स की लिस्ट में दुनिया के 53वें सबसे अमीर व्यक्ति के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।

मदुरै में जन्म हुआ
सुंदरराजन पिचाई का तमिलनाडु के मदुरै में उनका जन्म 12 जुलाई, 1972 को हुआ। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमएस करने के बाद अमेरिका की पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल कर रखी है।
 
शीर्ष तीन आईटी कंपनियों के सीईओ के सालाना वेतन-भत्ते नाम कंपनी वेतन टिम कूक एपल 957 करोड़, सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट 306 करोड़, सुंदर पिचाई गूगल 135 करोड़ (आंकड़े 2018 के, पिचाई ने तब पैकेज नहीं लिया था)

Tags

Related Articles

Back to top button
Close