खेल - कूद

साल की पहली घरेलू टी-20 सीरीज जीतना चाहेगी रोहित ब्रिगेड, बांग्लादेश से आखिरी मुकाबला आज

नई दिल्ली
बांग्लादेश के खिलाफ रविवार को यहां खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में भारतीय टीम इस साल घरेलू सरजमीं पर सबसे छोटे प्रारूप की पहली सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी। अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले यह सीरीज काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय टीम अपने कोर खिलाड़ियों की पहचान करना चाहती है। इस सीरीज में नियमित कप्तान विराट कोहली सहित कई सीनियर खिलाड़ी शामिल नहीं हैं। ऐसे में युवाओं की आजमाइश की जा रही है।

सीरीज के पहले दो मैचों में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल की टीम में सफल वापसी को छोड़ दें तो गेंदबाजी में कुछ अतिरिक्त फायदा नजर नहीं आया है। चहल ने जरूर एक बार फिर दिखाया कि मिडिल ओवरों में वह विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं।

राजकोट में खेले गए दूसरे टी-20 में चहल की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश को छह विकेट पर 153 रन पर रोक दिया। फिर रही सही कसर कप्तान रोहित शर्मा में 85 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर पूरी कर दी। चाइनामैच बॉलर कुलदीप यादव की जगह टीम में चुने गए वाशिंगटन सुंदर काफी किफायती रहे लेकिन विकेट चटकाने के मामले में चहल से पीछे छूट गए। तेज गेंदबाज खलील अहमद ने दोनों मैचों में रन लुटाए जिससे इस मैच शारदुल ठाकुर को अंतिम 11 में जगह मिल सकती है जो दीपक चाहर के साथ नई गेंद साझा कर सकते हैं।

रोहित ने पहले दोनों टी-20 मैचों की टीम में कोई बदलाव नहीं किया जिससे मनीष पांडे, संजू सैमसन और राहुल चाहर जैसे खिलाड़ी ड्रेंसिंग रूम में ही बैठे रहे। नागपुर में अगर उन्हें मौका नहीं मिला तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज का इंतजार करना होगा। टीम में जब सीनियर खिलाड़ियों की वापसी होगी तब भी भारत को टीम संयोजन बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी होगी खासकर बल्लेबाजी विभाग में जहां टीम के पास ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की तरह बड़े शॉट खेलने वाली खिलाड़ियों की कमी है। श्रेयस अय्यर ने कम समय में खुद को साबित किया है जबकि लोकेश राहुल अभी तक प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे है। नए हरफनमौला शिवम दूबे को भी अपनी प्रतिभा से न्याय करना होगा।

भारतीय टीम में नए खिलाड़ियों के साथ अनुभवी शिखर धवन और युवा विकेटकीपर ऋ षभ पंत भी टीम में जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे है। धवन बल्ले से जबकि पंत बल्ले के साथ विकेट के पीछे भी अपने खराब प्रदर्शन के कारण आलोचना झेल रहे हैं। रविवार को दोनों खिलाड़ियों के पास आलोचकों को चुप करने का एक मौका होगा। भारतीय टीम जीत की दावेदार होगी लेकिन तमीम इकबाल और शाकिब अल हसन जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश एक बार फिर दिल्ली की तरह चौका सकती है।

दोनों टीमें
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), खलील अहमद, युजवेंद्र चहल, दीपक चाहर, राहुल चाहर, शिखर धवन, शिवम दुबे, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, क्रुणाल पंड्या, ऋषभ पंत, लोकेश राहुल, संजू सैमसन, वाशिंगटन सुंदर और शारदुल ठाकुर।

बांग्लादेश: महमूदुल्लाह रियाद (कप्तान), ताईजुल इस्लाम, मोहम्मद मिथुन, लिटन दास, सौम्य सरकार, नईम शेख, मुशफिकुर रहीम, आफिफ हुसैन, मोसादेक हुसैन, अमीनुल इस्लाम, अराफात सनी, अबू हिदेर, अल अमीन हुसैन, मुस्ताफिजूर रहमान और शफीउल इस्लाम।

 

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