छत्तीसगढ़

सरगुजा जिले के शिशुवती महिलाओं को भी अब आंगनबाडी केंद्रों में मिलेगा गरम पौष्टिक भोजन

अम्बिकापुर
राज्य शासन की मंशानुरूप जिले के बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण दूर करने के लिये कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में जिले के सभी आंगनबाडी केंद्रों में डीएमएफ मद से वित्तपोषित सुपोषित सरगुजा योजना के तहत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को गरम पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इस योजना को विस्तारित करते हुए अब जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती माताओं को सोमवार से शुक्रवार सप्ताह में 5 दिन गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत विगत शुक्रवार को आंगनबाड़ी केन्द्रों में किया गया। इस योजना से जिले के करीब 9000 शिशुवती माताओं को लाभ मिलेगा और कुपोषण से लड़ने की ताकत मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है यहां एनीमिया की श्रेणी में आने वाली महिलाओं में सर्वाधिक संवेदनशील शिशुवती महिलायंे एवं गर्भवती महिलायें होती है। इन महिलाओं को सामान्य महिलाओं की तुलना में अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। शिशुवती महिला के स्तनपान कराने एवं पर्याप्त पोषण आहार नहीं मिलने से माता एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। वर्तमान में आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में से मात्र गर्भवती महिलाओं को ही महतारी जतन योजना अन्तर्गत आकर्षक थाली प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने पहल करते हुए जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज सभी शिशुवती महिलाओं को भी सप्ताह में 5 दिन गरम पौष्टिक मिले इसके लिए डीएमएफ मद से राशि का प्रावधान कर शुक्रवार से योजना की शुरूआत की गई है। विगत जून माह से शुरू की गई सुपोषित सरगुजा योजना के तहत जिले में संचालित 2463 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 6 माह से 6 वर्ष तक के करीब 86 हजार बच्चों को तथा गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक शुक्रवार को उबला हुआ अण्डा दिया जा रहा है। गंभीर कुपोषित बच्चों को शुक्रवार एवं सोमवार दो दिन अण्डा दिया जा रहा है। इस योजना से कुपोषण दूर करने में सफलता मिल रही है। कई गंभीर कुपोषित बच्चे अब सामान्य स्थिति में आ गए हैं।

 

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