स्वास्थ्य

सजाने और संवारने का त्योहार है रूप चौदस

रूप चौदस और छोटी दिवाली इस साल एक ही दिन हैं। रूप चौदस का अपना धार्मिक और सामाजिक महत्व है। इस दिन महिलाएं काम की थकान और घर की सफाई के कारण मुर्झाई हुई त्वचा की देखभाल करती हैं, अपने रूप को संवारती हैं और खुद को मां लक्ष्मी के पूजन के लिए तैयार करती हैं। इस दिन आपको किस तरह अपनी सुंदरता का ध्यान रखना है, यहां जानें…

कच्चे दूध से साफ करें त्वचादिवाली की सफाई और खरीदारी के बीच अपना ध्यान रखने का वक्त कम ही मिल पाता है। ऐसे में आपकी त्वचा पर डस्ट और डलनेस नजर आने लगती है। अपनी स्किन में नई जान भरने के लिए आप कच्चे दूध का उपयोग करें। दिन में नहाने के बाद अपने चेहरे पर कच्चा दूध लगाकर छोड़ दें फिर घर के बाकी काम निपटाने के बाद अपना चेहरा ताजे पानी से धो लें।

अपने चेहरे के साथ ही आप कच्चा दूध अपनी गर्दन, हाथ और पैरों पर भी लगा सकती हैं। रात को कच्चा दूध लगाएं और जब यह सूख जाए तब सो जाएं। फिर सुबह उठकर नहाते समय इसे क्लीन कर लें। ऐसा करने से आपकी त्वचा में नई चमक आ जाएगी। रुखापन दूर होगा और आपकी स्किन हेल्दी और सॉफ्ट बनेगी।

स्किन क्लिनिंग के लिए
घर के काम और साफ-सफाई के दौरान हम खुद को कितना भी कवर करके रखें डस्ट और कीटाणु हमें पकड़ ही लेते हैं। ऐसे में इनसे पूरी तरह मुक्ति पाने के लिए अपने बालों से लेकर पूरी बॉडी पर गुलाबजल में नींबू मिलाकर लगाएं। नींबू और गुलाबजल से आप अपने सिर और बालों की सुंदरता भी निखार सकती हैं। इस मिश्रण को शरीर और बालों में 30 मिनट लगाए रखने के बाद स्नान कर लें। इस प्रयोग से आपको सन टेन और पिंपल्स से भी राहत मिलेगी।

पारंपरिक तरीका
रूप चौदस पर उबटन लगाने की परंपरा है। इस दिन आप बाजार से उबटन लाकर लगा सकती हैं या घर पर बेसन, सरसों तेल, हल्दी, चंदन पाउडर और गुलाबजल मिलाकर खुद भी उबटन तैयार कर सकती हैं। इसे पूरे शरीर पर लगाएं और सूखने पर नहा लें। फर्क आप खुद महसूस करेंगी।

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