मध्य प्रदेश

शराब ठेकेदारों की मांगों पर विचार करे सरकार- हाईकोर्ट

जबलपुर
मध्‍य प्रदेश सरकार को जबलपुर हाईकोर्ट  ने शराब के ठेकेदारों की मांगों पर विचार करने का आदेश दिया है. जी हां, इस मामले पर इंदौर, भोपाल और जबलपुर रीजन के शराब ठेकेदारों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर आज सुनवाई की गई. 30 शराब ठेकेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीते दिनों मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ नोटिस जारी किया था. जबकि हाईकोर्ट के नोटिस के बाद आज राज्य सरकार ने पूरे मामले पर अपना जवाब पेश किया. राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि उसने पूरे विवाद के निपटारे के लिए मंत्रियों का एक समूह गठित कर दिया है जो शराब ठेकेदारों की मांगों पर विचार कर रहा है.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की गाइडलाइन का रखें ख्याल-हाईकोर्ट
मामले पर आज सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक अहम निर्देश दिया है कि सरकार या उसके मंत्रियों का समूह शराब ठेकेदारों की मांगों पर विचार करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की गाइडलाइन का ख्याल जरूर रखें. गाइडलाइन का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर शराब ठेकों की शर्तें लागू नहीं हो पा रही हों तो नए सिरे से ठेके जारी करने पर विचार किया जाना चाहिए. इस अहम निर्देश के साथ हाईकोर्ट ने मामले पर अंतिम सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख तय कर दी है.

शराब ठेकेदारों ने की थी ये मांग

आपको बता दें कि शराब ठेकेदारों ने अपनी याचिका में कोरोना लॉकडाउन के दौरान हुए घाटे का हवाला दिया है. साथ ही याचिका में कहा गया है कि अब जब सरकार ने शराब दुकानों के खुलने का समय घटा दिया है तो शराब ठेकेदारों से वसूली गई बिड की रकम भी घटाई जानी चाहिए. इस याचिका में शराब ठेकेदारों ने व्यापार में हुए नुकसान का हवाला देते हुए मांग की है कि सरकार या तो ठेकेदारों की जमा राशि लौटाकर मध्य प्रदेश में शराब के ठेके नए सिरे से आवंटित करे या फिर ठेकेदारों से ली गई बिड की राशि घटाई जाए. फिलहाल हाइकोर्ट ने सरकार को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायदृष्टांत के मद्देनजर शराब ठेकेदारों की मांगों पर विचार करने के निर्देश दिए हैं.

Tags

Related Articles

Back to top button
Close