उत्तर प्रदेश

वाराणसी के रियल एस्टेट कारोबारी बलवंत का हत्यारोपित पंकज चढ़ा हत्थे, बताया क्यों चलाई गोली 

वाराणसी  
वाराणसी में रविवार की देर रात पहड़िया स्थित अशोक विहार कॉलोनी में रियल एस्टेट कंपनी साईं बाबा इंफ्रा प्रोजेक्ट के पार्टनर बलवंत सिंह की हत्या का आरोपी पंकज चौबे सोमवार की सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सारनाथ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पंकज को मीडिया के सामने पेश किया। पंकज भी साईं बाबा इंफ्रा कंपनी में पार्टनर है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पॉइंट 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल और चार कारतूस भी बरामद कर लिया है। 

बलवंत की रविवार की रात कंपनी के एमडी रामगोपाल सिंह के घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बलवंत उनके यहां दावत में शामिल होने गए थे। मूलत: बड़ागांव के अकोढ़ा निवासी बलवंत सिंह तरना में रहते थे। हत्या के बाद  शव को कब्जे में लेने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब चार घंटे तक शव स्कार्पियो में ही पड़ा रहा। पंकज चौबे के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज होने और 24 घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद किसी तरह रात तीन बजे शव को पुलिस ले सकी थी। 
 
रात में ही पंकज के घर पर पुलिस ने छापेमारी की लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस ने रात में ही पंकज की पत्नी और कई लोगों को हिरासत में ले लिया था। सर्विलांस के जरिये लगातार पंकज का भी पुलिस पीछा करती रही। गाजीपुर की तरफ भाग रहे पंकज को सोमवार की भोर में चौबेपुर थाने के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि रविवार की देर रात सारनाथ के अशोक बिहार फेज टू कॉलोनी में श्री साईं इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन रामगोपाल सिंह के घर सभी पार्टनरों की बैठक हुई थी।

इस दौरान बलवंत सिंह और पंकज चौबे के बीच दीपावली पर अपने लोगों को गिफ्ट और मजदूरों को मजदूरी देने को लेकर कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ा की पंकज ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी जो बलवंत के पेट में लगी। अस्पताल जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार पंकज चौबे कंपनी में बलवंत सिंह के बढ़ते दबदबे से भी खार खाए था। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पंकज के पिस्टल के लाइसेंसी को निरस्त करने की कार्रवाई शुरु कर दी गई है। 

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