बिहार

वाम दलों के बिहार बंद का रहा मिला जुला असर

 पटना 
बिहार बंद का रहा मिला जुला असर1 / 3सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर गुरुवार को वामपंथी संगठन सहित ग्यारह छात्र संगठनों के बंद का पटना में मिला-जुला असर रहा। आंदोलनकारियों ने राजेंद्र नगर में पैसेंजर ट्रेन रोक दी।  
 सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर गुरुवार को वामपंथी संगठन सहित ग्यारह छात्र संगठनों के बंद का पटना में मिला-जुला असर रहा। आंदोलनकारियों ने राजेंद्र नगर में पैसेंजर ट्रेन रोक दी। सड़कों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों को बंद कराया। हालांकि शहर में यातायात सामान्य रहा और ज्यादातर इलाकों में दुकानें खुली रहीं।

ट्रेन रोक की आंदोलन की शुरुआत

गुरुवार को बिहार बंद की शुरुआत विकासशील इंसान पार्टी द्वारा गुरुवार सुबह आठ बजे से हुई। यहां पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी के समर्थक सुबह आठ बजे राजेन्द्र नगर स्टेशन पहुंचे। यहां पर रेलवे ट्रैक और स्टेशन पर लगी एक पैसेंजर गाड़ी पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। करीब 20 मिनट प्रदर्शन करते रहे। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने आंदोलनकारियों को वहां से हटाया। वीआईपी कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन कानून को काला कानून बताकर मोदी सरकार और प्रदेश की बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुकेश सहनी ने कहा कि देश को ऐसे कानून की कोई जरूरत नहीं है।

छात्र जाप के छात्रों ने की सड़क जाम

वहीं बंद में शामिल जन अधिकारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज ऑफ कॉमर्स स्थित मुख्य सड़क को जाम कर दिया। यहां बीच सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया। बीच सड़क पर ही बस को रोक दिया गया। बस पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। काफी देर तक छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसकी वजह से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। इसके बाद पुलिस ने आकर इन लोगों को हटाया। इसके बाद बंद समर्थक डाकबंगला चौराहा पहुंचे। यहां पर कार्यकर्ताओं ने एक बस को निशाना बनाया। बस का शीशा तोड़ दिया। इस आंदोलन का नेतृत्व जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह छात्र प्रभारी राजेश रंजन पप्पू कर रहते थे। इसमें पुसू अध्यक्ष मनीष यादव और प्रदेश अध्यक्ष विशाल सहित सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।

स्कूलों और कॉलेजों में दिखा बंद का असर

बिहार बंद का असर स्कूल व कॉलेजों में देखने को मिला। कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति सामान्य से कम रही। वहीं कई स्कूल बंद भी रहे। कॉलेजों में बंदी का असर देखने को मिला। इसका कारण था कि इस बंदी में 11 संगठनों के छात्र संगठन शामिल थे। एम्बुलेंस को कहीं पर नहीं रोका गया। बिहार बंद की वजह से आवागमन में आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सड़कों पर रोज की तुलना में कम गाड़ियां चलीं।

जंजीर पहन रखी थी पप्पू यादव ने

वहीं, बंद समर्थकों का मुख्य केन्द्र डाक बंगला चौराहा रहा। यहां पर बंद में शामिल सभी संगठनों के बड़े नेता मौजूद रहे। यहां पर काफी देर तक मजमा लगा रहा। सभी छात्र संगठनों से लेकर हर विरोधी दल के नेता यहां पर पहुंचे थे। कोई डफली बजाकर विरोध जता रहा था तो कोई टायर जलाकर। जाप अध्यक्ष पूर्व सांसद पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ जंजीरों में जकड़े हुए पहुंचे। सीपीआई के नेता कन्हैया से लेकर कई नेता डाक बंगला चौराहा तक पहुंचे। करीब दो बजे तक यहां प्रदर्शन होता रहा। सभी संगठनों के नेता टुकड़ों में जगह-जगह बैठे हुए थे।

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