छत्तीसगढ़

रेत तस्करों का धड़ल्ले से चल रहा काम, विरोध के बाद भी कर रहे दूसरे राज्यों में परिवहन

 वाड्रफनगर
 बलरामपुर जिले में लॉकडॉउन के दौरान मेंढारी गांव से रेत का उत्खनन करके उत्तरप्रदेश में परिवहन करने का मामला सामने आया है. सरपंच के विरोध के बावजूद ठेकेदार दूसरे राज्य में रेत परिवहन कर रहा है, जनप्रतिनिधि रेत तस्करी में जिला प्रशासन को बराबर का भागीदार बता रहे हैं.

प्रदेश सरकार की नई खनिज नीति के तहत जिले के मेंढारी गांव मे बिलासपुर पेंड्रा के दिलीप कंट्रक्सन को रेत उत्खनन का टेंडर जारी किया गया है , ठेकेदार प्रशासन के सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए रेत का परिवहन उत्तरप्रदेश कर रहा है. इसका खुलासा स्वयं परिवहन में लगे वाहनों के ड्राइवर करते हैं.

इस मामले में बसंतुपर थाना क्षेत्र में मेंढारी गांव के सरपंच सुरेश का कहना है. ठेकेदार के लोग ग्रामीणों को बरगला रहे हैं, और ठेकेदार मनमाने तरीके से रेत अन्य राज्यों में भेज रहा है, जिससे रेत परिवहन में लगे बाहरी लोगों से गांव में कोरोना का संक्रमण फैलने का डर बना है.

यही नहीं बलरामपुर जिले की सीमा पर बने धनवार खनिज बैरियर पर काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि यहां से रेत का परिवहन उत्तरप्रदेश किया जा रहा है. परिवहन में लगे वाहन हमारे बनाये गए स्टॉपर को भी तोड़कर भाग जा रहे हैं.

स्थानीय प्रशासन के मौन पर सवाल

भाजपा के मंडल अध्यक्ष पुरंजय मिश्रा स्थानीय प्रशासन पर रेत ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के समय रेत का परिवहन अन्य राज्यों में किये जाने से कोरोना संक्रमण का खतरा है. इतने बड़े पैमाने में रेत का परिवहन किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन है.

कलेक्टर के साथ पार्टी पदाधिकारियों से करेंगे चर्चा

लॉकडाउन के समय अंतरराज्यीय रेत परिवहन पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हरि यादव ने कहा कि दूसरे जिले से आकर ठेकेदार शासन के सभी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है, और जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है. इस संबंध में कलेक्टर समेत पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी.

केवल जिले में बेचने की अनुमति

इस मामले में कलेक्टर संजीव कुमार झा ने कहा है कि इस समय रेत का उत्खनन कर जिले में ही बेचने की अनुमति दी गई है. अंतरराज्यीय परिवहन का कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है.

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