खेल - कूद

मिक्स मार्शल आर्ट्स में रितु फोगाट का विजयी डेब्यू

 बीजिंग (चीन) 
भारत की पूर्व महिला पहलवान रितु फोगाट ने शनिवार को अपने मिक्स मार्शल आर्ट्स (एमएमए) करियर की जीत के साथ शुरुआत की। राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली रितु ने शनिवार को यहां कैडिलैक एरेना में वन चैंपियनशिप के 'ऐज ऑफ ड्रैगन्स' प्रतिस्पर्धा के एटोमवेट वर्ग में दक्षिण कोरिया की किम नाम को मात दी। रितु ने दमदार प्रदर्शन किया और पांच-पांच मिनट के तीन राउंड के पहले ही राउंड में 3:37 मिनट के भीतर ही टीकेओ के आधार पर जीत दर्ज की। 

राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता भारत की महिला पहलवान रितु फोगाट कुश्ती के अखाड़े में ताल ठोकने के बाद अब मिक्स मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में उतरी हैं।  

पेशेवर एमएमए में अपने मैच से पहले 24 साल रितु ने साफ कर दिया था कि इस खेल में आने का उनका एक ही मकसद है। रितु ने कहा था, “में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में विश्व चैंपियन बनना चाहती हूं। अभी मैं जो भी कर रही हूं वह मुझे उसी दिशा में आगे लेकर जा रहा है।”

 रितु ने कहा था, “मैंने इस नए खेल में अपना पूरा दिल लगा दिया है। मैं एमएमए में वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने के लिए लडूंगी। इस खेल में मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।”

रितु ने पहले भारत के लिए कुश्ती में कई सम्मान अर्जित किए हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और अंडर-23 कुश्ती चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक अपने नाम किया था। 

 
रितु भारतीय खेल में प्रसिद्ध फोगाट परिवार से आती हैं जिनकी कहानी बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' में दशाई गई थी। उनके पिता महावीर सिंह फोगाट एक जाने-माने पहलवान और कुश्ती के प्रशिक्षक हैं और उनकी बहनें गीता, बबिता और संगीता कुश्ती में चैंपियन रह चुकी हैं। रितु अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य है जो एक खेल में महारथ हासिल करके दूसरे खेल में कूद पड़ी हैं।

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