व्यापार

बढ़े टैक्स और बाढ़ में ‘डूबी’ शराब की बिक्री

मुंबई
पिछली तीन तिमाहियों में कुछ राज्यों में बाढ़ आने, टैक्स बढ़ने और ऊंचे बेस के कारण देश में शराब सेल्स की ग्रोथ घटी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में विपरीत स्थिति है जब मार्केट 10 पर्सेंट बढ़कर छह वर्षों के हाई लेवल पर पहुंच गया था। देश में बनी विदेशी शराब की सेल जुलाई-सितंबर में 1.4 पर्सेंट बढ़ी। व्हिस्की और ब्रांडी की ग्रोथ रेट में कमी आई, जबकि वोडका और जिन के सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई।

रॉयल स्टैग, मैकडॉवेल, ब्लेंडर्स प्राइड और आॅफिसर्स चॉइस जैसे इंडियन-मेड फॉरन शराब (आईएमएफएल) ब्रांड्स की मार्केट में 70 पर्सेंट से अधिक हिस्सेदारी है। दुनिया का सबसे अधिक बिकने वाला व्हिस्की ब्रांड आॅफिसर्स चॉइस बेचने वाली अलाइड ब्लेंडर्स के मार्केटिंग हेड अहमद रहीमतुल्ला ने बताया, स्लोडाउन का कारण खपत कम होना है और इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है। कुछ राज्यों में टैक्स और ड्यूटी में वृद्धि से समस्या बढ़ी है। लोकसभा चुनाव के कारण शराब की डिमांड पर असर पड़ने से अप्रैल और जून के बीच यह सेगमेंट 2 पर्सेंट बढ़ा था।

कंपनियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में राज्य सरकार के शराब आउटलेट अपने नियंत्रण में लेने और लिक्विडिटी की कमी से सितंबर में सेल्स पर असर पड़ा। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्पिरिट्स ग्रुप पेर्नो रिकार्ड का जुलाई-सितंबर क्वॉर्टर में भारत में बिजनस 3 पर्सेंट बढ़ा है। ऐबसल्यूट वोडका और शिवास रीगल स्कॉच बनाने वाली इस कंपनी कीशुद्ध बिक्री पिछले कुछ क्वॉर्टर में डबल डिजिट में बढ़ी है। पेर्नो रिकार्ड की फाइनैंस हेड हेलेन डे टिसॉ ने पिछले सप्ताह एक इन्वेस्टर्स कॉल में बताया था, 'पहले क्वॉर्टर में बाढ़, भारी बारिश से पूर्व और पश्चिमी भारत के कुछ बड़े राज्यों में बिक्री पर असर पड़ा था। इनमें हरियाणा और महाराष्ट्र में विशेषतौर पर ज्यादा नुकसान हुआ था।' 2012-2017 के दौरान कम कीमत वाले ब्रैंड्स से कुछ महंगे ब्रैंड्स की ओर कस्टमर्स के शिफ्ट होने से इंडस्ट्री की वॉल्यूम ग्रोथ केवल 4 पर्सेंट रही थी। पिछले कैलेंडर इयर में टैक्स बढ़ोतरी के कारण मार्केट में कुछ रुकावट आई थी।

हालांकि, उत्तर प्रदेश में वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी हुई थी। ऐनालिस्ट्स का कहना है कि डियाजियो के कंट्रोल वाली यूनाइटेड स्पिरिट्स की अर्निंग्स में वृद्धि की गुंजाइश कम है क्योंकि खपत धीमी है और रॉ मटीरियल की कीमतें अधिक बनी हुई हैं। इडलवाइज रिसर्च के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट अबनीश रॉय ने कहा, यूनाइटेड स्पिरिट्स का दूसरे क्वॉर्टर में प्रदर्शन कमजोर रह सकता है। इसके पीछे डिमांड कमजोर होना, पेर्नो रिकार्ड से कॉम्पिटिशन जैसे कारण हैं।

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