उत्तर प्रदेश

बिल न देने वाले नेताओं-अफसर के काटे जाएंगे कनेक्शन, सरकारी आवासों पर लगेंगे प्रीपेड मीटर

लखनऊ
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि नेताओं और अफसरों के घरों पर प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत वह अपने घर से करेंगे। इसके साथ ही बिल जमा न करने वाले नेताओं और अफसरों के घरों की बिजली अभियान चलाकर 24 घंटे के अंदर काट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को कहा कि सबसे पहले बिजली बिलों की वसूली भाजपा के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत सदस्यों-अध्यक्षों, नगर निगम और नगर पालिका के अध्यक्षों, बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों से की जाएगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में नेता और सरकारी अधिकारियों का रिकार्ड बिजली बिल भरने में ठीक नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला किया गया है। एक लाख प्रीपेड मीटर के मंगाए जा रहे हैं। जैसे-जैसे ये मीटर आते जाएंगे, सरकारी आवासों में लगते जाएंगे।  उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी अपने यहां प्रीपेड मीटर लगाने की अपील की जाएगी। उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों और अधिकारियों के आवासों पर करीब 13000 करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है। इसकी वसूली के लिए राज्य सरकार ने किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया है।

बिजली थानों पर 2050 लोगों की भर्ती होगी
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए पांचों डिस्कॉम के तहत 75 थाने खोले जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने 2050 पदों का सृजन किया है। अब तक 68 थाने खुल चुके हैं। इनमें तैनात पुलिसकर्मियों के लिए वेतन और दूसरे खर्चों का भार पावर कॉरपोरेशन खुद उठाएगा। इन थानों के लिए 75 निरीक्षक, 375 उपनिरीक्षक, 675 मुख्य आरक्षी, 150 मुख्य आरक्षी कंसोल ऑपरेटर और 675 सिपाहियों के पद मंजूर किए गए हैं। इन थानों में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों का काम जिले के हर इलाके में बिजली रोकना है।

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