मध्य प्रदेश

प्रदेश के सात शहर वन स्टार, दस शहर थ्री स्टार और इंदौर बना फाइव स्टार शहर

भोपाल 
केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज देश के 4374 शहरों में की गई स्टार रेटिंग प्रक्रिया के परिणामों की घोषणा की, जिसमें मध्यप्रदेश के 18 शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं नगर निगम इंदौर ने अपने फाइव स्टार के मानक स्तर को बनाये रखा और यह देश के 6 फाइव स्टार शहरों में शामिल होने वाला प्रदेश का इकलौता शहर बनकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। इस प्रकार स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले 12 राज्यों में महाराष्ट्र प्रथम और मध्यप्रदेश द्वितीय स्थान पर रहा। प्रदेश के शहरों की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सराहना करते हुए प्रदेश के सभी शहरों में मानक और स्तरीय स्वच्छता सुविधाएँ विकसित करने के लिये प्रेरित किया है। भारत सरकार द्वारा जारी इन परिणामों में मध्यप्रदेश के कुल 18 शहरों को बेहतर रेटिंग प्राप्त हुई है, जिसमें सात शहरों को वन स्टार, दस शहरों को थ्री स्टार एवं प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर को फाइव स्टार शहरों की श्रेणी में रखा गया है। वन स्टार घोषित शहरों में ग्वालियर तथा खण्डवा नगर निगम के अलावा देश के छोटे नगरीय निकाय बदनावर, हाथोद, महेश्वर, सरदारपुर एवं शाहगंज भी शामिल है। थ्री स्टार शहरों में भोपाल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, कटनी, सिंगरौली और उज्जैन नगर निगमों के साथ खरगौन, ओंकारेश्वर, पीथमपुर शहरों ने भी अपना स्थान सुरक्षित किया है।

भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष शहरों में सार्वजनिक शौच सुविधाओं और कचरा संग्रहण एवं निपटान व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें प्रमुख रूप से सार्वजनिक शौच सुविधाओं का मानक रख-रखाव के साथ ठोस अपशिष्ट की सम्पूर्ण वैल्यू चैन आदि का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इन परिणामों को स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों में आनुपातिक आधार पर शामिल किया जाता है। उक्त परिणामों से प्रदेश के शहरों का उत्साह बढ़ा है। प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग नीतेश कुमार व्यास ने सभी उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले निकायों को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उन्हें नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये कहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास पी. नरहरि ने कहा है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के दौरान प्रदेश के निकायों ने शहरों को राष्ट्रीय परिदृश्य पर स्थापित करने के लिये अथक प्रयास किये थे। इन परिणामों से हमें स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के बेहतर परिणामों की उम्मीद बनी है। आशा है हमारा मध्यप्रदेश हर बार की तरह राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाये रखेगा।
 

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