उत्तर प्रदेश

देवबंद का फतवा, ईद पर किसी से न मिलें गले

सहारनपुर
देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन 4.0 लागू किया गया है। ईद में में नमाज पढ़ने के लिए पूरे देश की मस्जिदों में हर साल भारी संख्या में मुसलमान एकत्र होते हैं। लॉकडाउन में भीड़ एकत्र न हो, इसके मद्देनजर विश्व विख्यात इस्लामी शिक्षण संस्थान दारूल उलूम देवबंद ने एक फतवा जारी किया है। इस फतवे में मुस्लिम समुदाय से ईद-उल-फितर की नमाज़ घर में ही अदा करने को कहा गया है।

दारूल उलूम के मीडिया प्रभारी अशरफ उस्मानी ने बताया कि संस्थान के मोहतमिम (कुलपति) मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी के सवाल पर संस्थान के फतवा विभाग की एक पीठ ने यह फतवा जारी किया है। फतवे में कहा गया है कि लॉकडाउन में जिस तरह से जुमे (शुक्रवार) की नमाज़ घर में पढ़ी जा रही है, उसी तरह ईद की नमाज़ भी घर में ही अदा की जाए।

माफ होगी ईद की नमाज
फतवे में कहा गया है कि जिन लोगों को ईद की नमाज़ नहीं मिले, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस संकट की स्थिति में जो हालात हैं ऐसे में उनकी ईद की नमाज माफ होगी। देश में फिलहाल रमजान का महीना चल रहा है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के सदस्य रोजा रखते हैं और सूरज निकलने से लेकर सूरज डूबने तक कुछ खाते-पीते नहीं हैं। यह महीना ईद का चांद दिखने के साथ खत्म होता है।

क्या है फतवा?
इस बार 24 या 25 मई को ईद हो सकती है। इस्लाम के जानकारों के मुताबिक, फतवा अरबी भाषा का शब्द है। फतवा इस्लामी मामलों पर दी जाने वाली राय होती है और इसकी पाबंदी अनिवार्य नहीं होती है।

ICI ने भी जारी की थी अडवाइजरी
आपको बता दें कि इससे पहले शरई मामलों पर सलाह जारी करने वाली इस्लामी संस्था इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (ICI) ने भी लोगों से ईद के दिन भी लॉकडाउन का मुस्तैदी से पालन करते हुए किसी के घर नहीं जाने और गले ना मिलने की ताकीद की थी। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (आईसीआई) ने यहां जारी अडवाइजरी में कहा था कि ईद उल फित्र के दिन भी लोग लॉकडाउन का पालन करें। वे अपने घर में रहे और किसी से मिलने न जाएं।

ईद में न मिलें गले
आईसीआई की अडवाइजरी में कहा गया है कि ईद के दिन न किसी से हाथ मिलाएं और ना ही गले मिलें। गौरतलब है कि ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस दिन लोग में एक दूसरे के घर जाते हैं और गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। बुजुर्गों को भी याद नहीं है कि ऐसी नौबत पहले कभी आई थी कि जब ईद के दिन लोगों को गले मिलने से मजबूरन परहेज करना पड़ा हो।

आईसीआई के अध्यक्ष शहर काजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मुसलमान ईद के दिन अपने घर में नमाज अदा करें और नमाज के बाद कोविड-19 के जल्द खात्मे, पूरी दुनिया में अमन कायम होने, अपनी और मुल्क तथा कौम की तरक्की और खुशहाली की खास दुआ करें।

उन्होंने कहा कि जिस घर में चार या उससे ज्यादा लोग हों तो वह ईद की नमाज अपने घर में ही जमात बना कर पढ़ें। अगर किसी घर में चार से कम लोग हैं तो वे चार रकात नफिल नमाज-ए-चाश्त अकेले-अकेले पढ़ें।

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