बिहार

तेजस्वी समेत RJD के इन बड़े नेताओं पर केस दर्ज करेगी पटना पुलिस

पटना
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में राजद के शनिवार के बिहार बंद को लेकर सड़कों पर जगह-जगह उपद्रव का आलम रहा. यह हाल तब था जब बंद के ठीक एक दिन पहले तेजस्वी यादव ने अहिंसक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया था. बंद में संभावित हिंसा को लेकर बिहार पुलिस ने राजद नेताओं को आगाह भी किया था, लेकिन बंद के दौरान हिंसक गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई जा सकी. इस दौरान आम लोगों के साथ मीडिया भी बंद समर्थकों के निशाने पर रहा. इस बीच पुलिस मूकदर्शक बनी रही. अब पटना पुलिस तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) समेत पार्टी के बड़े नेताओं और उत्पात मचाने वालों पर केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है.

दरअसल, बंद समर्थकों द्वारा की गई हिंसा और उत्पात पर पटना पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. इस पर संज्ञान लेते हुए शनिवार (21 दिसंबर) की देर रात पुलिस प्रशासन कागजी कार्रवाई में जुट गया है. इस दौरान स्थिति की समीक्षा और सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्य और मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर पटना पुलिस एक साथ कई केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी है.

पटना के कोतवाली थाना में मजिस्ट्रेट के बयान के अलावा पुलिस दो मीडियाकर्मियों द्वारा भी केस दर्ज करवाने का इंतज़ार किया जा रहा है. पटना पुलिस की मानें तो एक नेशनल चैनल के संवाददाता ने रविवार तक का समय लिया है, जबकि एक समाचारपत्र के फोटोग्राफर के गंभीर रूप से घायल होने की वजह से भी पुलिस रविवार तक का इंतज़ार करेगी.

पटना के सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी ने बताया कि अगर पत्रकारों द्वारा केस दर्ज नहीं करवाया जाता है तो फिर पुलिस मजिस्ट्रेट के बयान पर केवल एक केस दर्ज कर कर कर्रवाई करेगी. कोतवाली थानाध्यक्ष ने बताया कि राजद नेता तेजस्वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह, भाई वीरेंद्र, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा, विधयक शकील खां समेत वैसे सभी लोगों पर केस किया जाएगा जो डाकबंगला चौराहा के पास प्रदर्शन में शामिल थे.

वीडियो फुटेज से पहचानप्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, प्रबंधित क्षेत्र में गैरकानून तरीके से मजमा लगाने के अलावा अराजकता फैलाने के आरोप तय किए हैं. उधर, वीडियो फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है.

Related Articles

Back to top button
Close