स्वास्थ्य

डायबिटीज से चाहते हैं बचना तो एकसाथ नहीं टुकड़ों में ऐसे करें भोजन

14 नवंबर को देशभर में वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने की शुरूआत सबसे पहले इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (I.D.F.) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.)द्वारा वर्ष 1991 में की गई थी। यह खास दिन डॉ. फ्रेडरिक ग्रांट बैंटिंग के जन्म दिवस पर मनाया जाता है। दरअसल फ्रेडरिक बैंटिंग ने चार्ल्स बेस्ट के साथ  लगभग 100 वर्ष पहले इंसुलिन की खोज की थी। आइए इस खास मौके पर जानते हैं शुगर के खतरे से बचने के लिए किन चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

बच्चों को टॉफी-चॉकलेट के सेवन से बचाएं-
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक लखनऊ चैप्टर के उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष वर्मा के मुताबिक बच्चों को चॉकलेट-टॉफी व बिस्कुट देने से बचें। इनमें कैलोरी काफी मात्रा में होती है। फैट और कोलेस्ट्रॉल भी ज्यादा रहता है। इन वस्तुएं के सेवन से शरीर में एकदम से ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। यदि बच्चा लंबे समय तक टॉफी-चॉकलेट आदि का सेवन करता है तो शरीर में सुगर का स्तर बढ़ा रहता है। इससे डायबिटीज का खतरा होता है।

खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पिएं-
टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल के काय चिकित्सा विभाग के मेडिकल अफसर डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि लोगों को खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से कार्बोहाइड्रेट बढ़ता है, जिससे व्यक्ति मोटा होगा और डायबिटीज बढ़ेगा।

डायबिटीज मरीजों को अस्पताल से मधुमेहारी चूर्ण व अन्य कई दवाओं से लाभ दिया जाता है। गोमती नगर के राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए होम्योपैथ में कई दवाएं हैं।
 
पैर के तलवे रोज शीशे में देखें-
उप्र मधुमेह एसोसिएशन के संस्थापक डॉ. एलके शंखधर ने बताया कि डायबिटीज मरीजों को 20 प्रतिशत पैरों में अल्सर की आशंका बढ़ जाती है। इनमें 25% मरीजों के पैर काटने पड़ते हैं।

 तेज पैदल चलें-
 उप्र मधुमेह एसोसिएशन के डॉ. क्षितिज शंखधर के मुताबिक डायबिटीज मरीज रसेदार फलों का सेवन कम करें। डायबिटीज के मरीज रोज एक सेब खा सकते हैं। अमरूद, खीरा, ककड़ी, जामुन आदि का सेवन कर सकते हैं।

धूम्रपान घातक-
लोहिया संस्थान में मेडिसिन विभाग के डॉ. संदीप चौधरी के मुताबिक डायबिटीज मरीज शराब व सिगरेट से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगाता है। जो घातक है।

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