छत्तीसगढ़

जिले में 23 नवम्बर तक धारा 144 प्रभावशील, शांति व्यवस्था बनाये रखने जिला प्रशासन रहेगी पैनी नजर

अम्बिकापुर
अयोध्या मामले पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले के बाद जिले में सामाजिक सौहार्द्र एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के द्वारा सरगुजा जिले के सीमा क्षेत्रान्तर्गत धारा 144 दण्ड प्रक्रिया सहिता 1973 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभाओं, रैली, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, हड़ताल आदि के दौरान शासकीय एवं निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाना, पुतला दहन, तोड़-फोड़ एवं टायर आदि जलाकर मार्ग अवरूद्ध कर यातायात बाधित करना तथा नागरिकों में दहशत फैलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश सभी प्रकार के दलों, संगठनों, संघों तथा आम जनता पर लागू होगा तथा जारी किये जाने की तिथि से 23 नवम्बर 2019 अर्थात 15 दिवस तक सरगुजा जिला क्षेत्रान्तर्गत मैनपाट विकास खण्ड के कमलेश्वरपुर ग्राम पंचायत के लिये 9 नवम्बर 2019 सायं 4 बजे से 10 नवम्बर 2019 अपरान्ह 12 बजे तक छोड़कर प्रभावशील रहेगा।

इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 188, भा0द0वि0 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी एवं सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा भले ही वे अनुज्ञप्तिधारी हों, सभा, रैली, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, हड़ताल आदि में किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, धारदार घातक हथियार आदि लेकर नहीं चलेगा। धार्मिक परम्परा अनुसार रखे जाने वाले कृपाण आदि पर यह कंडिका प्रभावशील नहीं होगी। सभा, रैली, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, हड़ताल आदि में लाउड स्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र आदि के लिए उपयोग किये जाने से पहले संबंधित क्षेत्र के सिटी मजिस्ट्रेट एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से अनुमति लिया जाना अनिवार्य है। विभिन्न सभाओं रैली, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, हड़ताल आदि करने से पहले संबंधित क्षेत्र के सिटी मजिस्टेªट एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा कार्यपालिक दण्डाधिकारी से अनुमति लिया जाना अनिवार्य है। 

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