छत्तीसगढ़

छह लाख से अभी अधिक लोगों तक पहुंचा डायल 112

रायपुर
भारत की सबसे तेजी से बढ़ रही और सर्वाधिक प्रशंसित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में  से एक टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने आज घोषणा की कि छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी डायल 112 सेवा पर सितंबर 2018 में इसके शुरू किये जाने से लेकर अब तक छ: लाख (लगभग 6.1 लाख) से अधिक सेवा अनुरोध (कॉल्स फॉरसर्विस या सीएफएस) किया जा चुका है।

दरअसल, यह संख्या ऐसी वास्तविक कॉल्स की है जहां डायल 112 सेवा के जरिए लोगों ने सहायता मांगी और विभिन्न स्थितियों में उन्हें सहायता प्रदान की गयी। नागरिकों की सहायता के लिए सरकार ने डायल 112 सेवा शुरू की है जिसमें नागरिक 112 नंबर पर 24 बाय 7 पर कॉल कर आपातकालीन चिकित्सा, अपराध, आगजनी, प्राकृतिक, आपदा और यहां तक मनोवैज्ञानिक समस्या जैसी स्थितियों में तुरंत सहायता के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ भारत का इकलौता ऐसा राज्य है जिसने एनईआरएस (देशव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली) के दिशा निदेर्शों के अनुसार अपने यहां एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सुविधा सहित) लागू की है। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के लिए एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सुविधा सहित) को टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड संभालता है। अब तक प्रदेश के 27 में से 11 जिलों में इस प्रोजेक्ट को लागू किया जा चुका है। पहले अनेक राज्यों में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियां मौजूद थीं, लेकिन उन प्रणालियों में अलग-अलग आपातकालीन स्थितियों के लिए अलग-अलग नंबर पर कॉल करना होता था, जैसे-चिकित्सा के लिए कोई एक नंबर, अपराध एवं पुलिस सहायता के लिए कोई अन्य नंबर, और फायर ब्रिगेड के लिए कोई और नंबर आवंटित थे। आज, कुछ अन्य राज्यों ने भी छत्तीसगढ़ का अनुसरण करते हुए इस तरह के प्रोजेक्ट्स को लागू किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ इस तरह के प्रोजेक्ट को लागू करने वाला भारत का पहला प्रदेश था।

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