मध्य प्रदेश

गंदगी का बहाना, विरोधियों पर निशाना

ग्वालियर
कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ‘स्वच्छता अभियान’ के माध्यम से इन दिनों नगर सरकार को टारगेट पर ले रखा है। उनके इस मिशन को लेकर जहां राजनीतिक गलियारों में तमाम चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इसे नगर निगम की सत्ता से कांग्रेस के वनवास को तोड़ने की मुहिम से जोड़कर देख रहे हैं तो दूसरी ओर समाज का दूसरा वर्ग सफाई के लिए उनके प्रयासों की सराहना कर रहा है।

मंत्री श्री तोमर के इस अभियान की खास बात ये है कि वह अधिकांश उन वार्डों को निशाने पर ले रहे हैं जहां से भाजपा के पार्षद हैं या कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने के लिए जमीनी मशक्कत की दरकार लंबे समय से महसूस की जा रही है। ऐसे में उनके इस अभियान को नगर निगम चुनावों से ठीक पहले अपनी पार्टी के लिए सियासी जमीन को मजबूत करने के मकसद से आखिरी छोर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नए सिरे से लामबंद करने से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

सियासी गलियारों में मंत्री तोमर के इस अभियान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अपने आॅपरेशन सफाई के माध्यम से वह पार्टी के भीतर से लेकर बाहर तक अपने विरोधियों को चुन-चुनकर निशाने पर लेकर आइना दिखाने का काम कर रहे हैं।

अव्वल तो उनकी इस कवायद को 50 साल से नगर निगम पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को नगर सरकार की सत्ता से बेदखल करने की प्लानिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं शहर में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर पनपते आक्रोश को निगम प्रशासन की ओर मोड़कर सरकार को सेफ गार्ड देना भी इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है, जिसे सिंधिया खेमे में काफी सराहना मिलना लाजिमी है।

इसके अलावा सियासी गलियारों में मंत्री श्री तोमर के इस अभियान को सिंधिया खेमे के विरोधी दिग्विजय गुट से बने प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह की काबलियत पर सवाल उठाने से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

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