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कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद पॉजिटिव निकले तो रिस्क नहींः स्टडी

 
सोल/मेलबर्न

कोरोना वायरस की चपेट में आए लोग ठीक होने के बाद अगर टेस्ट में दोबारा पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उनके संक्रमण फैलाने की आशंका नहीं होती। ये दावा साउथ कोरिया के शोधकर्ताओं ने किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरियन सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 से उबरे 285 लोगों पर किए अध्ययन के बाद ये नतीजा निकाला है।
इस नतीजे के आधार पर साउथ कोरिया के स्वास्थ्य अधिकारी कोरोना से उबरे लोगों को संक्रामक नहीं मानेगा। साथ ही इन लोगों को वापस काम पर जाने के दौरान अलग से टेस्ट कराने की जरूरत भी नहीं रहेगी। इस शोध को कोरोना से जंग में काफी सकारात्‍मक माना जा रहा है। दक्षिण कोरिया से आ रहे इन सबूतों के बाद अब यह कहा जा सकता है कि जो लोग कोरोना वायरस से उबर चुके हैं, प्रतिबंधों में ढील दिए जाने पर उनके कोरोना को फैलाने का खतरा नहीं रहेगा।

बिना वैक्सीन दवा रोकेगी कोरोना
इस बीच चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसी एक दवा बनाई है जिससे कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। इनका मानना है कि इस दवा से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। रिपोर्ट के मुतााबिक पीकिंग विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक इस दवा पर काम कर रहे हैं। इसकी टेस्टिंग की जा रही है।

चीन के प्रतिष्ठित पेकिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कहा कि उनके द्वारा परीक्षण की जा रही दवा से न केवल संक्रमित मरीज जल्दी ठीक होंगे, बल्कि उनके अंदर थोड़े समय के लिए इम्यूनिटी के स्तर में भी इजाफा होगा। यूनिवर्सिटी के बीजिंग एडवांस्ड इनोवेशन सेंटर फॉर जीनोमिक्स के डॉयरेक्टर सनी शी ने बताया कि यह दवा एनिमल टेस्टिंग के दौरान सफल रही है।

चूहों पर दवा का परीक्षण सफल
उन्होंने बताया कि कोरोना से संक्रमित चूहों पर दवा के परीक्षण के दौरान उन्हें अच्छे रिजल्ट मिले हैं। जब चूहों में न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज को इंजेक्ट किया गया तो पांच दिनों के बाद उनका वायरल लोड बिलकुल कम हो गया। उन्होंने बताया कि इसका मतलब हमारी दवा अच्छे तरीके से काम कर रही है।
 

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