छत्तीसगढ़

कोरबा के सुदूर आदिवासी इलाकों में हो रहे विकास कार्यों से संतुष्ट दिखे केंद्रीय सचिव खांडेकर

कोरबा
कोरबा जिले के सुदूर आदिवासी अंचलों में हो रहे विकास कार्यों से भारत सरकार के सचिव दीपक खांडेकर संतुष्ट दिखे और उन्होंने क्षेत्र के रहवासियों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की योजनाओं को मूर्तरूप देने पर प्रसन्नता जाहिर की। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव दीपक खांडेकर ने आज छत्तीसगढ़ सरकार के आदिवासी विकास आयुक्त डी.डी.सिंह और कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के साथ कोरबा जिले के सुदूर चोटिया गांव में निर्माणाधीन समूह जल प्रदाय योजना सहित एकलव्य विद्यालय और प्रयास विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चोटिया सहित आसपास के 17 गांवों के लोगों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए बन रही वृहद नल-जल योजना की तारीफ की और इसे निर्धारित समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। खांडेकर ने इस क्षेत्र के भूजल में फ्लोराईड की अधिकता होने से पीने के पानी की समस्या की जानकारी मिलते ही इस योजना पर गहरी दिलचस्पी दिखाई ओैर पूरी जानकारी अधिकारियों से ली। अधिकारियों ने अब तक इस योजना का 20 प्रतिशत कार्य पूरा होने और मार्च 2021 तक योजना का काम पूरा हो जाने की जानकारी दी। खांडेकर ने यहां कहा कि इस जल प्रदाय योजना से 17 से अधिक गांवों के 20 हजार से अधिक लोगों को हसदेव नदी से बिना फ्लोराईड वाला शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। आदिवासी क्षेत्र में बन रही यह योजना आदिवासियों की पीने के पानी की समस्या तो खत्म करेगी ही साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा। क्षेत्र के लोग फ्लोराईड के कारण होने वाली घातक बीमारियों से भी बच सकेंगे। केंद्रीय सचिव ने योजना के संचालन-संधारण सहित लागत आदि की पूरी जानकारी ली। भारत सरकार के सचिव दीपक खांडेकर आज सुबह अंबिकापुर से चलकर चोटिया के रास्ते कोरबा जिले में दाखिल हुए और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.जयवर्धन, कटघोरा अनुविभाग की एसडीएम श्रीमती सूर्यकिरण तिवारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एन.के.एस. दीक्षित एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

एकलव्य विद्यालय और एजुकेशन हब शिक्षा के विकास में होगा मील का पत्थर – खांडेकर- केंद्रीय सचिव खांडेकर ने इसके बाद छुरीकला के एकलव्य आवासीय विद्यालय का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए विद्यमान सुविधाओं के बारे में सहायक आयुक्त से जानकारी ली। विद्यार्थियों द्वारा दीपावली पर्व के अवसर पर परिसर में बनाई गई बड़ी-बड़ी आकर्षक रंगोलियों की भी खांडेकर ने खूब तारीफ की। उन्होंने क्षेत्र के बच्चों की खेल और कला में रूचि को भांपते हुए खेल और पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों के लिए परिसर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी अधिकारियों से ली। खांडेकर ने इसके बाद स्याहीमुड़ी स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास और प्रयास आवासीय विद्यालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्याहीमुड़ी में विकसित शैक्षणिक परिसर और सर्व सुविधायुक्त अधोसंरचना निर्माण के लिए कलेक्टर श्रीमती कौशल को बधाई दी। परिसर का अवलोकन करते हुए खांडेकर ने कहा कि स्याहीमुड़ी एजुकेशन हब में बच्चों को पढ़ाई का बेहतर वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग एक साथ मिल रही है। बच्चे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आकर यहां रहकर अच्छी शिक्षा ले रहे हैं। क्षेत्र के विकास के लिए यह एजुकेशन हब एक मिल का पत्थर साबित होगा। सचिव खांडेकर, आयुक्त आदिवासी विकास डी.डी. सिंह और कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने एकलव्य विद्यालय परिसर में पौधा रोपण भी किया।

स्पोर्ट्स काम्पलेक्स निर्माण के लिए मिली सैद्धांतिक सहमति, जिला प्रशासन जल्द भेजेगा प्रस्ताव- भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव दीपक खांडेकर ने छुरी के एकलव्य विद्यालय और स्याहीमुड़ी के एजुकेशन हब का अवलोकन करने के बाद क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल से विद्यार्थियों के शारीरिक-मानसिक विकास के लिए खेल गतिविधियों को विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में शामिल करने पर भी जोर दिया। खांडेकर ने क्षेत्र में स्पोर्ट्स काम्पलेक्स की संभावनाओं पर भी कलेक्टर से चर्चा की और स्पोर्ट्स काम्पलेक्स निर्माण के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की सैद्धांतिक सहमति दी। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने उपस्थित अधिकारियों को तत्काल क्षेत्र में उपयुक्त जमीन का चयन कर स्पोर्ट्स काम्पलेक्स बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मौके पर ही दिये। जिला प्रशासन द्वारा अब उपयुक्त जमीन का चयन कर स्पोर्ट्स काम्पलेक्स निर्माण की पूरी कार्ययोजना तैयार करके प्राक्कलन प्रस्ताव राज्य शासन के माध्यम से भारत सरकार के अनुसूचित जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजा जायेगा।

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