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ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी , सुपर साइक्लोन से सहमे कई राज्य

 
नई दिल्ली 

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात तूफान अम्फान अब सुपर साइक्लोन में बदल चुका है. जो अब तेज रफ्तार के साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा की तरफ बढ़ रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि उफान पर पहुंचकर सुपर साइक्लोन तबाही मचा सकता है. इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को गृह मंत्रालय और एनडीएमए के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. इस दौरान सुपर साइक्लोन से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हालात की गंभीरता को देखते हुए गृह सचिव ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों से बात की.

पश्चिम बंगाल-ओडिशा में भारी नुकसान की आशंका

वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बने ताकतवर चक्रवाती तूफान अम्फान से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा, अम्फान ओडिशा में 1999 में तूफान के बाद दूसरा सुपर साइक्लोन (चक्रवाती तूफान) है. 1999 के सुपर साइक्लोन ने 9 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली थी.

उन्होंने कहा कि 700 किलोमीटर तक फैले और लगभग 15 किलोमीटर ऊंचाई वाला चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 220 से 230 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से घूम रहा है. जो तेज रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है, यह ओडिशा के पारादीप से 600 किलोमीटर दक्षिण में, पश्चिम बंगाल के दीघा से 750 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और बांग्लादेश के खेपुरा से करीब 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है.
 
पश्चिम बंगाल-ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट जारी
सुपर साइक्लोन के 20 मई को सुंदरबन के करीब दीघा द्वीप और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच टकराने की आशंका है. मौसम विभाग ने तटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां इससे भारी नुकसान होने की आशंका है.

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण और उत्तर परगना, पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर, हुगली, हावड़ा और कोलकाता जैसे पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 मई से बारिश शुरू होगी. मौसम विभाग के डीजी ने कहा पश्चिम बंगाल में पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगल और कोलकाता के इलाकों में तूफान का ज्यादा असर होगा. वहीं ओडिशा में जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों पर चक्रवात ज्यादा खतरा मंडरा रहा है. दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में रेल और रोड ट्रांसपोर्ट 20 मई तक बंद रखने का फैसला हुआ है.

चक्रवात तूफान को देखते हुए ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकार ने जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार तटीय इलाकों से लोगों को बाहर निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही है.

एनडीआरएफ के डीजी ने कहा कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल की तरफ से जो भी मांग की जा रही है, हम उसे पूरा कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की टीमों को पहले से तैनात कर दी गई हैं. इसके अलावा चार टीमों को तैयार यानी स्टैंड बाई पर रखा गया है. जबकि ओडिशा में 13 टीमें तैनात की गई हैं और 17 स्टैंड बाई पर रखा गया है. साथ ही आर्मी, एयर फोर्स, नेवी और कोस्ट गार्ड की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है.

तूफान की तेज रफ्तार से तबाही की आशंका
भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक चक्रवात अम्फान ने दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर तीव्र तूफान का रूप ले लिया है. यह बंगाल की दक्षिण खाड़ी के मध्य भागों में 6 घंटे के दौरान 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर/उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ गया है. जो 20 मई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों से टकराएगा.

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