मध्य प्रदेश

एमपी और यूपी पहुँचने वाले मजदूरों का स्वागत कावंड़ियों की तरह करें: उमा भारती

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि एमपी और यूपी पहुँचने वाले मजदूरों का स्वागत कावंड़ियों की तरह होना चाहिए। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के अध्यक्षों को भी पत्र भी वे इसके लिए लिख रही हैं कि जहां से मजदूर वर्ग चले तथा जहां तक इन्हे पहुंचना हैं, उनकी सेवा  शिवजी के अभिषेक के लिए गंगाजल लाने वाले कावड़ियों की तरह ही की जाना चाहिए। उमा भारती ने अलग अलग ट्वीट कर कहा है कि संयोग से उत्तर प्रदेश का झांसी पिछले वर्ष तक मेरा संसदीय क्षेत्र रहा है। उसके पहले टीकमगढ़-छतरपुर मेरा संसदीय क्षेत्र रहा है तथा झांसी एवं मध्य प्रदेश के जिले आपस में लगे हुए हैं जिसके कारण मैं इन स्थानों का भूगोल ठीक से समझती हूं। इससे मुझे वहां की कठिनाई भी समझ में आ रही है। एमपी और यूपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान व योगी आदित्यनाथ के टैग कर ट्वीट में उमा ने कहा है कि दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सब तरफ काम करने वाले मजदूर हजारों में नहीं लाखों की संख्या में झांसी के आसपास से अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। आपकी सरकार पूरी तरह से उनके लिए चिंतित हैं तथा आप व्यवस्थाओं में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते ऐसा दिखता भी है। यह समस्या विकराल और इसलिए हो गई क्योंकि प्रधानमंत्री के इस निर्देश का पालन नहीं करवाया जा सका कि जो जहां है वह वहीं रहे। इन लोगों की असीमित संख्या के बारे में जानकारी का प्रशासन को अभाव भी एक वजह है।
हमारे देश का प्रशासन इस प्रकार की दारुण विभीषिका के लिए अभ्यस्त नहीं है। उनके हृदय में दया का भाव एवं कर्तव्यनिष्ठा होते हुए भी लाखों मजदूर दारूण कठिनाइयों में है तथा जरा सी चूक से सैकड़ों लोगों की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भाई बहन जहां काम कर रहे थे, वहीं से समन्वय बनाना है।

बस चालकों के विश्राम का करें प्रबंध
उमा भारती ने कहा है कि सभी राजनीतिक दलों एवं भाजपा के कार्यकर्ता रास्तों में इन्हें रोककर कोरोना के सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इनकी देखभाल कर सकते हैं। खाली सड़कों पर दुर्घटना होना एवं लोगों के मरने का कारण बसों के ड्राइवर थके एवं जागे हुए होना है। इसलिए रात को 10 बजे से सुबह 5 बजे तक इनको एक ही जगह पर रोककर पहले सोने एवं खाने की व्यवस्था  करनी चाहिये।

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