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उपद्रवियों पर लाठीचार्ज, कानपुर में फिर बवाल, पुलिस चौकी फूंकी

 कानपुर 
नागरिकता कानून के विरोध में शुक्रवार को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद शनिवार को सुबह से दोपहर तक शांति के बाद अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। यतीमखाना चौराहे पर जुटी हजारों की भीड़ अचानक उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया तो जवाब में पुलिस ने लाठिचार्ज कर बवालियों को खदेड़ा। भीड़ ने बेकनगंज थाने की यतीमखाना पुलिस चौकी फूंक दी।

तनाव के चलते दूसरे दिन भी मोबाइल इनटरनेट सेवा बंद की गई है। बवालियों पर नियंत्रण करने के लिए मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। हवाई फायरिंग की। भीड़ ने भी पुलिस पर पथराव और तमंचों से फायरिंग की। उपद्रवियों के हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई और हाजी इरफान सोलंकी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। वहीं, शुक्रवार की हिंसा में सुलगे बाबूपुरवा में दहशत भरी शांति के बाद दो जनाजे पहुंचने पर बवाल बढ़ गया। इससे पहले शहर काजी मौलाना रियाज हस्मती ने बाबूपुरवा और मुंशीपुरवा मस्जिद में लोगों से अमन-चैन कायम रखने की अपील की।
 
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटनाओं में अब तक 15 की मौत हो चुकी है। 350 से ज्यादा गिरफ्तारी हुई जिसमें सबसे ज्यादा 201 उपद्रवी लखनऊ से गिरफ्तार किए गए हैं।
 
इसके बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अनंत देव ने आश्वासन दिया कि गिरफ्तार हुए लोगों से सख्ती बरती जाएगी, लेकिन हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया जाएगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, पुलिस बेगुनाहों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करेगी इसबीच दोपहर तीन बजे चमनगंज, बेकनगंज, नई सड़क, यमतीमखानी की ओर से बड़ी संख्या में भीड़ जनाजे में शामिल होने के लिए जा रही थी कि माहालौ बिगड़ गया।

भीड़ मृतकों के लिए 50-50 लाख मुआवजे की मांग को लेकर उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव करने लगी। भीड़ के बीच मौजूद भारी पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

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