देश

आईआईएम लखनऊ के मंच पर उतरेंगे ‘मॉडर्न राम-सीता’

लखनऊ 
आधुनिक 'पुष्पक' विमान यानी हेलिकॉप्टर से भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने का नजारा अभी छोटी दीपावली पर आपने देखा होगा। अब रामायण के ऐसे ही अनेक दृश्यों से आप जल्द आईआईएम लखनऊ में रूबरू होंगे। देश के टॉप प्रबंधन संस्थानों में शामिल आईआईएम के वार्षिक कार्यक्रम 'मैनफेस्ट- वर्चस्व' में पहली बार रामायण शामिल की जा रही है। योगी सरकार के साझा प्रयास से मैनेजमेंट के छात्र वर्चस्व के मंच पर 'मॉडर्न रामलीला' देखेंगे। आईआईएम अपने सबसे बड़े मेगा इवेंट के तौर पर हर साल 'मैनफेस्ट वर्चस्व' का आयोजन करता है। इसमें अधिकतर आईआईएम सहित देश के कई नामी प्रबंधन कॉलेजों की टीमें हिस्सा लेती हैं। इस बार मैनफेस्ट 15 से 17 नवंबर तक चलेगा। आयोजन कमिटी के एक सदस्य ने बताया कि हमने यूपी के संस्कृति विभाग को प्रस्ताव दिया था कि युवाओं को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए हम इस बार मैनफेस्ट में रामायण पर आधारित इवेंट करना चाहते हैं। विभाग ने हमारे प्रस्ताव को स्वीकारते हुए स्पॉन्सरशिप पर सहमति दे दी है।

इनोवेटिव थीम का लिया गया है सहारा 
मैनेफेस्ट में थिअटर का अलग सेगमेंट 'अंर्तनाद' रखा गया है। इसमें हिस्सा लेने वाले प्रबंधन के विद्यार्थी रामायण पर आधारित नाटिका का मंचन करेंगे। खास बात यह है कि प्रतियोगिता की थीम परंपरागत रामायण की जगह 'मॉडर्न रामायण-एडॉप्शंस इन 21 सेंचुरी' रखी गई है। आयोजकों का कहना है कि आज की पीढ़ी आज के सवालों और जरूरतों से रामायण को कैसे कनेक्ट करती है, यह परंपरागत पाठ से अधिक महत्वपूर्ण है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए इसकी थीम इनोवेटिव रखी गई है, जिससे प्रतिभागी रामायण की शिक्षाओं को वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिक बनाकर युवाओें के सामने रखें। इसमें टॉप थ्री टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

क्विज का भी किया जाएगा आयोजन 
मैनफेस्ट के दौरान रामायण पर आधारित क्विज का आयोजन भी होगा। संस्कृति विभाग रामकथा पर आधारित चित्रों व दुनिया के विभिन्न देशों में होने वाली रामलीला पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाएगा। वहीं, कल्चरल कनेक्ट पर कई और इवेंट होंगे। संस्कृति विभाग से संबद्ध अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. वाईपी सिंह कहते हैं कि आईआईएम जैसे कैंपस में ऐसे आयोजनों को हम रामकथा की ब्रैंडिंग और भगवान राम के जीवन मूल्यों से युवाओं को परिचित करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। युवाओं में वैल्यू सिस्टम विकसित करने का यह अच्छा मौका है। 

Related Articles

Back to top button
Close