स्वास्थ्य

अनियंत्रित शुगर होने पर रखें अपने पैरों का खयाल

अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल कई अन्य शारीरिक बीमारियों की वजह हो सकता है। ऐसे में डायबिटीज मरीज को अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी लाइफ स्टाइल जितनी सिंपल होगी आपका ब्लड शुगर और डायबिटीज उतना ही कंट्रोल में रहेंगे। डायबिटीज को साइलंट डिजीज इसलिए कहा जाता है क्योंकि शायद ही कभी किसी पेशंट की डेथ डायबिटीज की वजह से होती है बल्कि डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य बीमारियां पेशंट की मौत की वजह बनती हैं। इसमें भी खासतौर पर डायबिटीज टाइप-2 के कारण ज्यादातर एडल्ट पेशंट हार्ट डिजीज के कारण मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। नवंबर को यूनाइटेड स्टेट में डायबिटीज अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है।

डायबिटीज को ब्लाइंडनेस का भी एक बड़ा कारण माना जाता है। इसके अतिरिक्त किडनी फेल्यॉर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, शरीर के निचले हिस्से पर नियंत्रण ना रहना जैसी परेशानियां, अनियंत्रित डायबिटीज के कारण होती हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादातर पेशंट्स को अपनी हालत और डायबिटीज के बारे में पहले स्ट्रोक के बाद ही पता चलता है। क्योंकि डायबिटीज इतनी खामोशी से उनके सेहत को नुकसान पहुंचा रही है, इस पर उनका ध्यान शुरू में जाता ही नहीं। डायबिटीज धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर हावी होने लगती है।

शुगर आमतौर पर सबसे पहले पेशंट के नर्व सिस्टम पर इफेक्ट डालती है। अनियंत्रित शुगर होने पर पेशंट को उसके पैरों में तकलीफ हो सकती है क्योंकि हाई ब्लड शुगर के कारण पैरों में पूरी तरह ब्लड सप्लाई नहीं हो पाता है और इस वजह से दिक्कत होती है। अगर किसी को पैरों में इस तरह की दिक्कत का सामना कर पड़ रहा हो तो उन्हें अपने पैरों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है साथ ही सेहत को लेकर भी डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर आपको डायबिटीज है तो अपने पैरों की देखभाल का अधिक ध्यान रखें…

– अगर आपके पैरों में लगातार फफोले पड़ रहे हो तो रोज पैरों की जांच करें। पैर के अंगूठे के नाखून के आस-पास अक्सर दिक्कत और दुखन रहती है तो जांच कराएं। पैर पर चकत्ते, दर्द, सूजन और किसी तरह का संक्रमण लगातार या बार-बार हो रहा हो तो जरूर जांच कराएं।

– अपने पैरों को हमेशा गुनगुने पानी में धोएं, तेज गर्म पानी का उपयोग ना करें। अपने पैरों को हल्के हाथों से साफ कपड़े से साफ करें, खासतौर पर दो अंगूठों के बीच के स्पेस को। समय-समय पर अपने पैरों के नाखूनों को काटते रहें और पैर के नाखूनों को राउंड शेप देने से बचें, क्योंकि इससे नाखून के अंदर की तरफ बढ़ने के चांस बढ़ जाते हैं।

– आपके जूते और फुट वियर बहुत ही सॉफ्ट और आरामदायक होने चाहिए। नंगे पैर बिल्कुल ना चलें।

-हर साल अपने पैरों का चेकअप अवश्य कराएं। अगर आपको किसी भी तरह का बदलाव या परेशानी महसूस हो रही है, अपनी बीमारी को लेकर तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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