उत्तर प्रदेश

अगर राम मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद के डिजाइन को स्वीकृति मिली तो 5 साल में बनकर तैयार होगा मंदिर

 अयोध्या
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन भव्य राम मंदिर के निर्माण में अभी 5 साल का समय और लगेगा। इस फैसले का लंबे समय से इंतजार कर रहे विश्व हिंदू परिषद ने मंदिर का डिजाइन पहले से ही तैयार किया हुआ है। राम मंदिर निर्माण की कार्यशाला से जुड़े एक पर्यवेक्षक के मुताबिक, भव्य राम मंदिर के निर्माण में अभी कम से कम 5 साल का समय और लगेगा और इस निर्माण कार्य के लिए 250 विशेषज्ञ शिल्पकारों (दक्ष कारीगरों) की जरूरत होगी, जो बिना रुके और बिना थके भगवान राम के पावन मंदिर का निर्माण कर सकें।

वीएचपी की इस मंदिर निर्माण कार्यशाला से जुड़े इस पर्यवेक्षक के मुताबिक, 'इस समय इस कार्यशाला में कोई भी शिल्पकार हमारे पास नहीं है। रजनीकांत सोमपुरा की अगुआई में यहां मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों पर नक्काशी का काम जारी था, लेकिन सोमपुरा का इसी साल जुलाई में निधन हो गया। वीएचपी की इस कार्यशाला में 1990 से ही मंदिर निर्माण से जुड़ा काम चल रहा है।'

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बीते 3 दशकों से यहां रोजाना 8 घंटे पत्थरों पर नक्काशी का काम चल रहा है, लेकिन अभी यहां जितना काम हुआ है उससे मंदिर का आधा निर्माण ही संभव है, जो उसके भूतल का हिस्सा होगा। इसका अर्थ यह है कि 212 खंभों (पिलर) वाले इस मंदिर में 106 खंभों को तैयार किया जा चुका है। राम मंदिर निर्माण के इस कार्य की देखरेख कर रहे अन्नुभाई सोमपुरा बताते हैं, 'फिलहाल मंदिर की इस कार्यस्थली पर यहां कोई भी कारीगर मौजूद नहीं है। अगर यहां काम को दोबारा शुरू करना है तो हमें कम से कम 250 दक्ष कारीगरों की जरूरत होगी और मंदिर निर्माण के लिए उन्हें कम से कम 5 साल का समय चाहिए होगा।

80 वर्षीय सोमपुरा ने बताया, 'मंदिर के निर्माण के लिए सबसे पहले हमें नींव बिछानी होगी और फिर यहां इन पिलर को लाकर वहां जमाया जाएगा। इसके बाद इस पूरे ढांचे पर सफेद सीमेंट लगाया जाएगा। मंदिर के लिए सिर्फ ईंट पर ईंट जमा देने से काम नहीं संभव नहीं होगा।'

अन्नुभाई सोमपुरा ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को गुजरात से फोन कॉल पर बताया, 'आधे पिलर्स तैयार हैं, मंदिर के ग्रभ गृह से जुड़ा काम भी पूरा है और मार्बल की चौखटों का काम भी पूरा हो चुका है। लेकिन अभी भी करीब 50 फीसदी काम होना बाकी है। इसमें 106 पिलर्स का निर्माण, मंदिर की चोटी और उसकी छत का काम होना बाकी है।'

अन्नुभाई ने बताया, 'मैं यहां (गुजरात) एक शादी में शामिल होने आया था। लेकिन अब पत्थर पर नक्काशी करने वाले मुझे लगातार कॉल कर रहे हैं। अब जब मैं दिसंबर में अयोध्या आऊंगा तो चीजें बिल्कुल साफ हो चुकी होंगी।' विश्व हिंदू परिषद में अवध प्रांत के चीफ शरद शर्मा ने कहा, 'अभी हमने यह तय नहीं किया है कि चीजों को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा। राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य मिलकर इस पर चर्चा करेंगे। फिलहाल हमारा ध्यान देश में शांति-व्यवस्था बनाए रखने पर है।'

विश्व हिंदू परिषद के एक अधिकारी ने बताया, '1984 में हमने (वीएचपी) ने मंदिर निर्माण का शिला पूजन किया था। तब एक श्रद्धालु ने सबसे पहले सवा रुपये का दान दिया था। अब तक मंदिर निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।'
 

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