रीवा। अंतत: नगर पालिक निगम की ओर से काफी लम्बे अर्से बाद सख्त रवैया लोगों को देखने को मिल ही गया। बुधवार को रीवा शहर के सुभाष चौक स्थित यादवेन्द्र टावर के शासकीय भूमि में बनाए गए हिस्से को नपानि ने डायनामाइट लगाकर उड़ा दिया। एक दिन पहले मंगलवार को नगर पालिक निगम की इस अतिक्रमण विरोधी बड़ी कार्यवाही ने न सिर्फ शहर कमिश्नर केवी शर्मा की छवि में परिवर्तन किया है बल्कि बेजा तरीके से शहर में बन रहे गगनचुम्बी भवनों और इमारतों के मालिकों को भी सकते में डाल दिया है।

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बुधवार की दोपहर तकरीबन 12.30 बजे जब शहर कमिश्नर केवी शर्मा के नेतृत्व में नपानि अमले ने सुभाष चौक में बने यादवेन्द्र टावर की के उस हिस्से को डायनामाइट लगाकर गिरा दिया। नपानि सूत्रों के मुताबिक यादवेन्द्र टावर के जिस हिस्से को गिराया गया है उस पर मालिक अशोक प्रताप सिंह का मालिकाना हक ही नहीं था। नगर निगम की इस कार्यवाही की चर्चा सारे शहर में रही। वहीं अवैध रूप से और बिना अनुमति निर्माण करने वालों में अफरा-तफरी मची हुई है। 

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भी नहीं चेते

नगर पालिक निगम सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को जिस यादवेन्द्र टावर में नपानि ने कार्यवाही की है वह वार्ड क्र. 07 खुटेही खसरा क्र. 142/3 रकवा 4004 वर्गफिट जमीन का मालिकाना हक अशोक प्रताप सिंह पिता वीरेन्द्र सिंह को है। परन्तु उनके द्वारा लगभग 41.85 मीटर क्षेत्रफल में विना स्वामित्व की भूमि पर चार मंजिला मकान बना लिया गया है जिसे हटाने हेतु नगर निगम द्वारा अशोक सिंह को कई बार लिखित रूप से सूचना दी गई। यहां तक की उच्च न्यायालय से भी उक्त प्रकरण को लेकर याचिका दायर की गई थी। वहा से भी श्री सिंह के विरूद्ध ही न्यायालय का निर्णय आया। जिस पर नगर निगम द्वारा मंगलवार को उक्त स्थल पर अवैध निर्माण के रूप में बनाई गई 4 मंजिला इमारत को तोडऩे की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई और बुधवार को डायनामाइट लगाकर उड़ा दिया गया। 

एक-एक कर नेस्तनाबूद होंगे ग्यारह

 नगर निगम की मेयर इन काउंसिल द्वारा 11 लोगो के ऐसे अवैध निर्माण है जो स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण किये है अथवा विना अनुमति के ही निर्माण किये है। उन्हें तोडऩे का आदेश पूर्व में ही पारित किया जा चुका है। उसी के पालन में पहली कार्यवाही सुभाष चौक में प्रारंभ की गई है। निगम आयुक्त केवी शर्मा द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से बार-बार लोगो सेे आग्रह किया गया था कि इस प्रकार के निर्माण की या तो मंजूरी ले ले अथवा स्वयं हटा ले। परन्तु लोगों ने गम्भीरता से नही लिया। 

पहले हथौड़ा, फिर जेसीबी, फिर डायनामाइट

उक्त भवन 4 मंजिला बना है जिसकी मंजिलों की तुड़ाई पहले श्रमिको के द्वारा हथौड़े से इसके बाद जेबीसी मशीन से की गई है। अब डायनामाइट लगाकर भवन को धराशायी किये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ है। डायनामाइट लगाने के लिये विशेषज्ञ शरद बी.शरबटे एवं उनकी टीम को बुलाया गया है उनमें द्वारा विल्डिग का निरीक्षण किया जाकर डायनामाइट लगाने की प्रक्रिया की जा रही है इस कार्य में साबधानी की आवश्यकता होगी। क्योंकि आस-पास की विल्डिग प्रभावित न हों ये प्रयास भी करना होगा। 

अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी, हड़कंप

 

 नगर पालिक निगम की सख्त कार्यवाही को देख शहर के सभी अतिक्रमणकारियों के हाथ पैर फूलने लगे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक झिरिया नाला के बगल में निर्माणाधीन एक विशाल भवन भी नपानि के निशाने पर है। वहीं कॉलेज रोड स्थित भगवान शीत भण्डार के संचालकों द्वारा सार्वजनिक सड़क तथा नाले की जमीन पर अवैध कब्जा भी नपानि के अतिक्रमण विरोधी मुहिम की सूची में शामिल है। कॉलेज रोड स्थित जॉन टावर तथा बजरंग नगर के एसपीएस मॉल और उसके बगल होटल साक्षी में पार्किंग व्यवस्था समुचित न होने के कारण आम लोगों की दिक्कतों का निराकरण भी नपानि बहुत जल्दी करने जा रहा है। इसके अलावा शहर की हर बड़ी इमारत और बारात घरों में पार्किंग को लेकर शहर कमिश्नर केवी शर्मा बेहद गंभीर हैं। वहीं शहर के भीतर की सड़कों और गलियों को संकरा बनाने वाले लोगों पर भी कार्यवाही होगी।