भोपाल | पुराने भोपाल में रहने वाले संजय (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर उसकी शिकायत लेकर महिला थाने पहुंचे। पुलिस ने उनकी पत्नी को थाने बुलाया तो उसने कहा कि संजय ही उसे रोज मारते पीटत हैं। जांच के दौरान पुलिस को उनके घर से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मिले। फुटेज देखकर पुलिस भी दंग रह गई। इसमें पत्नी अपने पति को ही डंडे से बेरहमी से पीट रही थी। दोनों के बीच अब कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है।

दरअसल, महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के मकसद से बने 'महिला थाने में अब पत्नी पीड़ित पति शिकायत करने पहुंच रहे हैं। अकेले राजधानी में ही बीते साल के मुकाबले इस साल ऐसे मामलों की संख्या 5गुना बढ़ गई है। स्थानीय पुलिस थानों में भी ऐसी 200 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

इसलिए बढ़ रही शिकायतें

 

काउंसिलिंग करने वाली महिला अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश महिलाएं पति पर पूरा अधिकार चाहती हैं। झगड़े नहीं सुलझने की मुख्य वजह दोनों पक्षों का अपनी-अपनी बात पर अड़े रहना भी है। ऐसा ही एक मामला सागर में रहने वाले युवक के साथ हुआ। शादी के बाद भोपाल निवासी पत्नी उस पर अपने पुलिस अफसर पिता के नाम पर रौब जमाने लगी। महिला चाहती थी कि पति भोपाल आकर रहे। पति ने महिला थाने से लेकर एसपी तक से शिकायत की। आखिर में महिला एक साल के बेटे को लेकर मायके आ गई।

70 फीसदी मामलों में दहेज एक्ट का दुरुपयोग

 

अधिकारियों की मानें तो पति-पत्नी के झगड़े में सबसे ज्यादा दुरुपयोग दहेज प्रताड़ना कानून का होता है। हालत यह है कि बीते 4 महीने में करीब 375 महिलाएं इस कानून के तहत शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। जांच में यह सामने आया कि इनमें से 70 फीसदी मामलों में घर वालों से अलग रहने की बात नहीं मानने के कारण पत्नियों ने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने पर पहले तो दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जाता है। बात नहीं बनने पर आमने-सामने बैठाकर तीन दौर की काउंसिलिंग की जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी अधिक पढ़े लिखे पति-पत्नी को समझाने में आती है, क्योंकि वह समाज और रिश्तों को छोड़ कानून की भाषा का उपयोग करने लगते हैं। दोनों पक्ष न माने तो फिर आगे की कार्रवाई की जाती है।

-शोभा सक्सेना, काउंसलर , महिला थाना