रीवा ,हाल ही में मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा में रीवा के भी काफी प्रतियोगी चयनित हुए है ,उन्हें बधाई का सिलसिला जारी है ,कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे बच्चो का उत्साहवर्धन हो और बच्चो को मार्गदर्शन मिले इसके मद्देनजर उत्तम सिंह अकेडमी ने चयनित प्रतिभाओ का सम्मान समारोह आयोजित किया ,जिसमे सहायक संचालक वित्त के पद पर चयनित जीतेन्द्र मिश्रा और प्रकाश द्धिवेदी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में उपस्थित बच्चो से जीतेन्द्र मिश्रा और प्रकाश द्धिवेदी ने अपने अनुभव साझा किये 

जीतेन्द्र मिश्रा 

 

जीतेन्द्र मिश्रा ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े है उनकी माता पुष्पा मिश्रा गृहणी है तो पिता मिथलेश मिश्रा   किसान, सेमरिया तहसील के एक छोटे से गांव अंगेठिया के रहने वाले जीतेन्द्र की सारी पढ़ाई लिखाई सरकारी स्कूल और कालेज में हुई ये बात उन लोगो को  विशेष रूप से नोट करना चाहिए जो संसाधनों का रोना रोते रहते है या यह मानकर चलते है कि अंग्रेजी स्कूलो में पढ़ने वाले ही योग्य होते है  रीवा साइंस कालेज से स्नातक जीतेन्द्र ने ब प्रेस्टिज इंदौर से किया और यही उनका कैंपस सेलेक्शन प्रोजेक्ट सेल्स ऑफिसर के रूप में हुआ,
 
 
 
जीतेन्द्र एक मामले में खुश किस्मत कहे जा सकते है नौकरिया उनके पीछे भागती है  नौकरी मिल गयी थी पर जम नहीं रही थी। व्यापम के 2010 में मंडी निरीछक में उनका चयन हुआ पर उन्होंने इसे छोड़ दिया ,2010 के अंत में उनका सेलेक्शन स्टेट बैंक में क्लर्क के पद में हुआ। तीन वर्षो तक बैंक की नौकरी के बाद उनका चयन आयकर विभाग के  टैक्स असिस्टेंट पद के रूप में हुआ उन्होंने तीन वर्षो तक अपनी सेवाएं विभाग को दी, तभी MPPSC 2012 में उनका चयन नायब तहसीलदार के पद में हो गया। डिप्टी कलेक्टर के पद में चयनित नीलाम्बर मिश्रा उनके अच्छे मित्र है और वे हमेशा जीतेन्द्र को प्रोत्साहित करते रहते है  जीतेन्द्र को MPPSC 2014 में भी सफलता मिली पर उनका चयन फिर नायब तहसीलदार के पद में हुआ बाद में जनपद सीईओ की वेटिंग भी क्लियर हो गयी जिसे उन्होंने ज्वाइन नहीं किया MPPSC 2015 में उनका चयन सहायक संचालक वित्त के पद पर हुआ है। पर पिक्चर अभी बाकी है 
 
प्रकाश द्धिवेदी 
 
    जिला विपणन अधिकारी  के पद पर कार्यरत प्रकाश द्धिवेदी का चयन भी इस बार सहायक संचालक वित्त के पद पर हुआ। जवा  के पुरौना ग्राम के निवासी प्रकाश द्धिवेदी के पिता आर बी शर्मा डिविजनल अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे पर 1994 में उनकी मृत्यु हो गयी। प्रकाश के दोनों बड़े भाई शाशकीय सेवा में है एक भाई उपायुक्त है  तो दूसरे वेटनरी में चिकित्सा अधिकारी  ,प्रकाश खुशकिस्मत  है उन्हें दोनों भाइयो का भरपूर स्नेह मिला उन्होंने अपने पिता की इच्छा MPPSC में चयनित होकर पूरी की है