रीवा। शराब दुकानों के खिलाफ जनता के आक्रोश और लगातार विरोध को देखते हुए शनिवार को पुलिस कन्ट्रोल रूम में पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन के अफसरों ने शराब ठेकेदारों के साथ बैठक कर मंत्रणा की। इस दौरान आबकारी अधिकारियों ने आबकारी नीति की जानकारी दी। तो प्रशासनिक अफसरों ने ठेकेदारों से कहा कि खुद की जिम्मेदारी पर नियम के अनुसार शराब दुकान खोलें और चलाएं। विरोध करने वालों को समझा कर अपनी दुकान संचालित करें। किसी भी तरह के लॉ एण्ड आर्डर की स्थिति बनने पर उन्हें प्रशासनिक मदद दी जाएगी।

पीटीएस चौराहे में हुआ विवाद

शहर में शराब दुकान खोलने को लेकर एक अप्रैल से जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सर्वाधिक विवाद गुढ़ चौराहा की शराब दुकान के खोलने को लेकर है। शहर की गुढ़ चौराहा, करहिया सहित लगभग 5 दुकानों में विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। शनिवार को पीटीएस चौराहे पर खोली जा रही शराब दुकान की भनक जैसे ही स्थानीय लोगों को लगी विरोध करते हुए दुकान के सामने बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं। सूचना मिलते ही मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों को समझा कर मामला शांत कराया।

तीसरी जगह भी विरोध

विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों को पुलिस ने पहले तो अपनी कस्टडी में ले लिया और बाद में उन्हें समझा कर छोड़ दिया। यह दुकान कंचन जायसवाल के नाम से एलाट है। पीटीएस चौराहे के पास खुलने वाली इस शराब दुकान में पहले शराब ठेकेदार के कर्मचारी पर प्राणघातक हमला किया गया था। दूसरी बार वार्ड पार्षद सहित स्थानीय लोगों ने शराब दुकान को चौराहे से हटाने की मांग करते हुए लगभग 10 दिनों तक धरना आन्दोलन किया। अब दुकान चौराहे से 100 मीटर दूर बाणसागर कालोनी मार्ग के पास खोली जा रही है। जिसको लेकर एक बार फिर शराब ठेकेदार को विरोध का सामना करना पड़ा है।

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शराब दुकान खोलने को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। समझाइश देने के बाद मामला शांत हो गया है। ठेकेदारों की बैठक बुलाकर उन्हें समझाइश दी गई है कि स्वयं की जिम्मेदारी पर नियम के तहत दुकान खोलें और संचालित करें।

-नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम।