रीवा। शनिवार को रीवा नगर निगम के परिषद सम्मिलन में सदन की मर्यादाएं तार-तार हो गईं। जनता की सेवा का स्वांग करने वाले जनप्रतिनिधियों में जहां जमकर तू-तू मैं-मैं हुई, वहीं एक महिला पार्षद को सदन के भीतर पीटा भी गया। पिटाई के दौरान महिला पार्षद का चश्मा भी टूट गया है। गुड मॉर्निंग नेशन डॉट कॉम को मिली जानकारी के मुताबिक रीवा के वार्ड 13 की पार्षद नम्रता सिंह ने परिषद अध्यक्ष से शिकायत की कि उन्हें बोलने का मौका सदन में नहीं दिया जाता है। वे हमेशा सदन के भीतर जमीन पर बैठती हैं क्योंकि सदन में उन्हें आम जनमानस की समस्याएं उठाने का अवसर नहीं दिया जाता इसलिए उन्हें कोई अधिकार नहीं है कि वे सदन के भीतर कुर्सी में बैठें। इस बात पर महापौर ममता गुप्ता से उनकी कुछ कहा-सुनी हो गई। जवाब में पार्षद नम्रता सिंह ने भी कुछ कहा। इसी बीच भाजपा की कई महिला पार्षद आ गईं सबमें पहले वाकयुद्ध हुआ जो बाद में हाथापाई में बदल गया। मारपीट की स्थिति देख वहां मौजूद कई पार्षद इधर उधर भागने लगे। परिषद अध्यक्ष सतीश सोनी और नगर निगम के कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र शुक्ला भी भागते देखे गए। काफी देर तक हंगामे की स्थिति के बीच कांग्रेसी पार्षद विनोद शर्मा, अजय मिश्र बाबा, डैडू, गोविंद शुक्ला आदि ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। वहीं सूत्रों के मुताबिक बीच-बचाव कराने वाले इन पार्षदों को भी महिला पार्षदों से मुक्के खाने पड़े। घटना की रिपार्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेसी पार्षद विनोद शर्मा ने आज के दिन को रीवा नगर निगम के लिए काला दिवस घोषित किया है।

सीवरेज सिस्टम पर खर्च होंगे सबसे ज्यादा 214 करोड़ रुपए 

रीवा। शहर की जल-मल निकासी को दुरुस्त करने पर शहर की सरकार नए वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा 214 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके लिए बड़ी रकम का प्रावधान इस साल शहर में आई बाढ़ के मद्देनजर भी किया गया है। लोगों के घरों का अपशिष्ट, मल-जल को घरों से पाइप लाइन के जरिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाया जाएगा। यह योजना 3 वर्ष में पूरी की जानी है। जबकि मुख्यमंत्री पेयजल एवं अमृत पेयजल योजना को मूर्तरूप देने के लिए 64 करोड़ की राशि रखी गई है। यह योजना शहर के 213 किलोमीटर क्षेत्र में मूर्तरूप लेगी। जिसके तहत पानी, पाइप लाइन एवं टंकी का निर्माण किया जाना।

वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए नगर निगम ने करीब 14 करोड़ के घाटे का बजट पेश किया है। निगम के मंत्री नीरज पटेल ने शनिवार को सदन में बजट पेश किया। जिसमें निगम की कुल आय 2 अरब 95 करोड़ 31 लाख 30 हजार रुपए दिखाई गई है। जबक व्यय 3 अरब 9 करोड़ 57 लाख 31 हजार रुपए प्रस्तावित है। बजट पर चर्चा 28 मार्च को होगी।

कचरा प्रबंधन पर 160 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे

इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 50 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। प्लास्टर आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 160 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। इसके तहत कचरे से 5 मेगवॉट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम व्यवस्था बनाने के लिए सिटी बस चलाने की योजना है। यह सेवा शहर तक सीमित नहीं बल्कि गुढ़, गोविंदगढ़ और मुंकुदपुर टाइगर सफारी को भी जोड़ेगी।

टैक्स से मिलेंगे 3 अरब रुपए

बजट में शहर को सुन्दर, साफ-सुथरा बनाने के लिए व शहरवासियों की सुविधाओं का भी जहां ध्यान रखा गया है वहीं नगर निगम राजस्व आय एवं पूंजीगत आय के लिए सम्पत्तिकर, सामेकितकर, शिक्षा उपकर, जलकर, प्रकाश अधिभार, विज्ञापन कर, नगरीय विकास उप कर, प्रदर्शन, मनोरंजन कर आदि में 3096 लाख का प्रावधान किया है। साथ ही राजस्व एवं क्षतिपूर्तियों के लिए मुद्रांक शुल्क, नजूल अंशदान, चुंगी क्षतिपूर्ति, यात्री क्षतिपूर्ति के तहत 3697 लाख रुपए की राशि का प्रावधान रखा है। यह राशि बीते सालों की अपेक्षा 6 प्रतिशत अधिक है।

महापौर और पार्षदों के बल्ले-बल्ले

इस बजट में जनप्रतिनिधियों के अत्यावश्यक कार्य के लिए निधि में बढ़ोत्तरी की गई है। जिसके तहत महापौर की निधि 225 लाख रुपए की गई है। जबकि इससे पहले महापौर के लिए 45 लाख रुपए की निधि का प्रावधान था। इसी तरह पार्षदों के लिए वार्ड में विकास कार्य कराने 2 लाख रुपए दिए गए हैं। इससे पहले पार्षदों के लिए 1 लाख रुपए की निधि निर्धारित थी। इस बजट में जहां पार्षद निधि में 1 लाख की बढ़ोत्तरी की गई है वहीं महापौर निधि में 1.75 करोड़ रुपए की राशि बढ़ा दी गई है।

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बजट में शहर के विकास और शहरवासियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। साथ ही नगर निगम की वित्तीय स्थिति को अच्छा करने के लिए भी इस बजट में प्रावधान किया गया है। वार्डों का विकास हो इसके लिए निधि बढ़ाई गई है।

-नीरज पटेल, प्रभारी वित्त विभाग

एवं एमआईसी सदस्य, ननि रीवा।

घाटे का बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें लोक लुभावने वादे किए गए हैं जो जल्द पूरा होना संभव नहीं है। जनता को महज भ्रमित करके कर का बोझ बढ़ाया गया है। हम आपको बता दें कि जो निधि बनाई गई है उससे वार्डो में और शहर में कोई कार्य नहीं हुए हैं।

-अजय मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष

नगर निगम, रीवा।

फोटो- 12 - परिषद में अपना वक्तव्य देते नेता प्रतिपक्ष अजय मिश्रा।

13 - परिषद में मौजूद अध्यक्ष, महापौर व अन्य।

16- वित्त विभाग के प्रभारी एमआईसी सदस्य नीरज पटेल बजट पटल पर रखने के लिए ले जाते हुए।

शहर की सरकार ने पेश किया 14 करोड़ के घाटे का बजट, सदन में 28 को होगी चर्चा