बुजुर्ग पिता के भरण-पोषण की एक याचिका पर एसडीएम नीलमणि अग्निहोत्री  के आदेश ने युवा पीढ़ी को आईना दिखाया है शिक्षक बेटे को आदेश जारी कर 15 हजार रूपए हर महीने भरण पोषण देने का आदेश दिया गया है

पिता को गांव में अकेला रहने के लिए छोड़ दिया 

कुछ ऐसा ही मामला सतना जिला के रामपुर बघेलान अंतर्गत ग्राम दलदल निवास सूरजदास वर्मा (82) का भी सामने आया है ! सूरजदास ने तहसील न्यायालय में बेटे गंगादीन वर्मा (42) के खिलाफ याचिका लगाई ! याचिका में सूरजदास ने बेटे से भरण पोषण की मांग की ! बुजुर्ग ने आवेदन में कहा की वह हमेशा बीमार रहता है ! उसकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं है ! दवाई और अन्य खर्च उठाने की क्षमता नहीं है ! ऐसे में 15 हजार रूपए बेटे से भरण पोषण मिले तभी गुजर बसर संभव हो पाएगा ! एसडीएम हुज़ूर नीलमणि अग्निहोत्री ने सुनवाई के बाद पीढ़ी को आइना दिखाने जैसा आदेश जारी किया है ! आदेश में उन्होंने कहा है की बेटा  बुजुर्ग पिता को साथ नहीं रख सकता है , तो उसे प्रतिमाह 15 हजार रूपए भरण पोषण के दे ! इस राशि को यदि बेटा नहीं देता है तो उसके लिए पिता कही भी याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र होगा ! एसडीएम हुज़ूर नीलमणि अग्निहोत्री ने कहा यदि बच्चे माता पिता की केयर नहीं करते है तो वह भरण पोषण की मांग कर सकते है ! ऐसे बुजुर्ग जिनकी परवाह बेटे बेटिया नहीं कर रहे है उन्हें  भरण पोषण का हक़ मिलना चाहिए !