20 को कांग्रेस की बैठक, तय हो सकता है नाम 

भोपाल।  इस समय मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष का पद चर्चा का विषय बना हुआ है। कौन होगा नेता प्रतिपक्ष ? यह तो कांग्रेस को तय करना है। लेकिन किसे होना चाहिए नेता प्रतिपक्ष यह चर्चा बीजेपी के अंदर चल रही है। चर्चा है कि मध्य प्रदेश की सत्ता में काबिज बीजेपी अंदर ही अंदर कांग्रेस के कुछ नेताओं की दावेदारी व जोड़-तोड़ कि लॉबिग में मदद भी कर रही है। बीजेपी चाहती है कि ऐसा नेता प्रति पक्ष बने जो विधान सभा के हमारे काम काज में अड़ंगा न डाल सके और अगली सरकार भी हम आसानी से बना सकें। 

कांग्रेस में जोड़तोड़, भाजपा में खलबली

दरअसल, यह बात कांग्रेस के ऊपरी छोर से सामने आ रही है कि एमपी के नेता प्रतिपक्ष पद पर कांग्रेस किसी ब्राह्मण को ही बैठाएगी।  मिली जानकारी के अनुसार इस हिसाब से कांग्रेस के पास दो ही कैंडीडेट हैं। ये हैं मुकेश नायक और सुंदरलाल तिवारी। दोनों ही कांग्रेस के पुराने और काबिल नेता हैं। लेकिन बीजेपी के रणनीतिकार चाहते हैं कि कांग्रेस किसी भी सबल नेता खास कर ब्राह्मण नेतृव को नेता प्रतिपक्ष न बनाने पाए। इस इस समय सत्ता पक्ष के खेमे में इस बात को ले कर खलबली मची हुई है की  कांग्रेस कही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री निवास तिवारी के बेटे पूर्व सांसद वर्तमान विधयाक सुन्दर लाल तिवारी को नेता प्रतिपक्ष न बना दे। यहाँ गौरतलब बात यह है कि विधान सभा के अंदर विधायक के रूप में सुन्दरलाल तिवारी ने हमेशा बीजेपी के लिए मुसीबत खड़ी करते रहे हैं। यदि नेता प्रतिपक्ष सुन्दर लाल तिवारी बन गए तो बीजेपी सरकार के लिए सिर दर्द साबित हो सकते है।

कांग्रेस छोड़ जा चुके हैं नायक 

वहीँ दूसरी ऒर नेता प्रतिपक्ष के दावेदार कांग्रेस के कई अन्य विधायकों ने भी जोड़-तोड़ और लाबिंग तेज कर दी है।  सूत्रों  के अनुसार कई वरिष्ठ विधायकों ने दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात कर अपनी-अपनी दावेदारी भी जता दी है।आपको याद दिला दे कि पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यदेव कटारे के निधन के बाद से यह पद खाली है। सत्यदेव कटारे क़ी बीमारी के समय से विधानसभा में प्रभारी नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे बाला बच्चन अपने आपको इस पद का सबसे प्रबल दावेदार मानते हैं। बाला बच्चन के अलावा अजय सिंह राहुल, महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा, मुकेश नायक और आरिफ अकील भी दावेदारों में शामिल हैं। ब्राह्मण नेता प्रतिपक्ष की बात पर जहां मुकेश नायक के साथ यह ड्राबैक है कि वे बीच में कांग्रेस छोड़ महृषि महेश योगी की पार्टी में चले गए थे वहीं सुंदरलाल तिवारी अपनी स्पष्टवादिता के कारण अपनों के ही निशाने पर रहते हैं। अजय सिंह पहले भी नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और उनके समय में पार्टी कई झटके खा चुकी है। 

20 को  लग सकती है मुहर

बहरहाल, प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी ने विज्ञप्ति जारी कर बता ही दिया है कि 20 फरवरी  को विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश, नेता प्रतिपक्ष के चयन के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस ने सभी पार्टी विधायकों से इस बैठक में आवश्यक रूप से उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं।