इंदौर। सिमी आतंकी जादिल परवाज की टोह में वेश बदलकर टहल रहे एटीएस टीआई को खजराना पुलिस ने गुरुवार रात पकड़कर थाने में बैठा लिया। परिचय पत्र दिखाने और अफसरों से बात करने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

एटीएस (मुंबई) के मुताबिक जनवरी 2016 में शिवजी नगर (मुंब्रा) निवासी नूर मोहम्मद की शिकायत पर बेटे तबरेज तांबे के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।

तबरेज पर आतंकवादी संगठन आईएस में शामिल होने का आरोप है। वह आईएस सरगना अली का दायां हाथ माना जाता है। एटीएस को जांच में पता चला तबरेज उन्हेल निवासी जादिल परवाज के संपर्क में है। दोनों फेसबुक पर लंबी चेटिंग करते हैं। इसी आधार पर तीन दिन पूर्व टीम ने खजराना क्षेत्र में डेरा डाल दिया।

गुरुवार रात इंस्पेक्टर नीलेश कामले सादे कपड़ों में हारुन कॉलोनी क्षेत्र में टहलते हुए जादिल की टोह ले रहे थे। लोगों को उन पर शक हुआ और पुलिस को सूचना कर दी। गश्त पर निकले सिपाहियों ने कामले से पूछताछ की तो बताया वाहन चोर को ढूंढ रहे हैं। सिपाहियों को उन पर विश्वास नहीं हुआ और वे थाने ले आए। कुछ देर बाद टीआई थाने पहुंचे और जादिल व आईएस कनेक्शन का किस्सा सुनाया। मामला बड़े अफसरों तक पहुंचा तब शुक्रवार रात जादिल को हिरासत में लिया गया।

तीन माह पहले इंदौर आया था जादिल

 

जादिल पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है। कुछ दिनों पूर्व तक उन्हेल थाने में उसे हाजिरी लगाना पड़ती थी। जीजा मो. सुल्तान के मुताबिक जादिल तीन महीने पूर्व ही इंदौर आया था। सुल्तान के बेटे की तबीयत खराब है। जादिल झाड़-फूंक करने के लिए इंदौर आया था।

एटीएस ने उसे दरगाह मैदान से पकड़ा और घर लाई तो पूरी घटना पता चली। उन्होंने मराठी में पंचनामा बनाया और परिवार के सामने तलाशी ली। घर में आपत्तिजनक कोई भी चीज नहीं मिली। एटीएस ने कहा पूछताछ करने के लिए मुंबई ले जा रहे हैं।

मनी ट्रांसफर एजेंसी से भेजे रुपए

 

मुंबई पुलिस के मुताबिक अली दिसंबर 2015 में मुंबई आया और तबरेज का ब्रेनवॉश कर लीबिया ले गया। अली ने 4 नवंबर 2016 को वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए तबरेज के खाते में 26888 रुपए जमा करवाए। रुपए मिलने के कुछ दिनों बाद तबरेज ने भाई को लीबिया में गिरफ्तार होने की सूचना दी। एटीएस की छानबीन में पता चला तबरेज ने भाई सौद के खाते में 4 लाख 20 और 97 हजार रुपए जमा किए हैं।