रीवा। शहर के बीच सिरमौर चौराहे पर प्रस्तावित समदड़िया बिल्डर्स के शॉपिंग काम्प्लेक्स के लिए तोड़े जा रहे जर्जर सरकारी आवासों को गिराने के दौरान शुक्रवार को मजदूर विजय पाल उर्फ विजय सिंह 35 वर्ष निवासी अमदरा थाना मैहर जिला सतना की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। जबकि उसी गांव का राजूलाल सिंह 26 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया। कमर की हड्डी टूटने के कारण उसे मेडिकल कालेज जबलपुर भेजा गया है। मजदूर की मौत को लेकर शनिवार सुबह 10 बजे कांग्रेस पार्षद विनोद शर्मा साथियों के साथ अस्पताल पहुंच गए और अनशन शुरू कर दिया। जिसके बाद पेटी कांट्रेक्टर मो.खालिक अंसारी ने मृतक के परिजनों को एक लाख रुपए देने की घोषणा की।

अन्य मदों से भी देंगे मदद

अनशन की खबर मिलने के बाद सबसे पहले मौके पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंची। लेकिन अनशन कर रहे कांग्रेसियों ने धरना खत्म नहीं किया। बाद में कलेक्टर ने श्रम पदाधिकारी एचके अहिरवार, तहसीलदार विवेक गुप्ता, एएसपी सुनील तिवारी, सीएसपी कोतवाली सहित अन्य थाना प्रभारी को भेजा। जिन्होंने पेटी कांट्रेक्टर के अलावा कर्मकार सुरक्षा योजना से 4 लाख व अन्य मदों से राहत राशि दिलाने का भरोसा दिलाया। तब जाकर करीब 5 घंटे बाद दोपहर 3 बजे कांग्रेसियों ने अनशन समाप्त किया।

इन नियमों का पालन नहीं


बता दें कि किसी भी व्यवासायिक काम्पलेक्स बनने के पूर्व वहां मजदूरों की संख्या का पंजीयन श्रम विभाग में ठेकेदार द्वारा कराया जाता है। जहां निर्माण कार्य कराया जाता है वहां प्राथमिक इलाज की सुविधा, खाने की व्यवस्था व काम करते समय सुरक्षा के दृष्टिकोण से हेलमेट जाली रखने का प्रावधान है। बिल्डिंग का बीमा भी इसीलिए कराया जाता है कि अगर इस तरह की दुर्घटनाएं हुईं तो उसका लाभ मजदूर को मिल सके।

एफआईआर की मांग

प्रशासन के मुताबिक मकान तोड़ने के लिए समदड़िया बिल्डर ने पेटी कान्ट्रेक्टर मो.खालिक अंसारी को ठेका दिया है। मकान तोड़ने का काम मो.खालिक अंसारी के ताज ट्रेडर्स कर रही है। जबकि प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी नेता समदड़िया बिल्डर पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।

मृतक के पत्नी व दो बच्चे


बता दें कि मृतक विजय सिंह के परिवार में उसकी पत्नी द्रोपदी सिंह व दो बच्चे हैं। दोनों की उम्र अभी कम है। लड़का जहां कक्षा 5वीं में पढ़ता है वहीं बेटी की उम्र डेढ़ साल है। द्रोपदी ने बताया कि उसके पास जीवन निर्वा के लिए महज पति की मेहनत ही थी। जिसे भगवान ने छीन लिया। अब उसके व उसके बच्चों के आगे जीविका का संकट मौजूद है।

----------

पीड़ित परिवार को कर्मकार सुरक्षा योजना के तहत 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही टेक्निकल ट्रेड होने के कारण औद्योगिक श्रम विभाग के समक्ष भी प्रकरण भेजा जाएगा। जहां से उसे बीमा का लाभ मिल सकेगा।

-एचके अहिरवार, श्रम पदाधिकारी, रीवा।

आर्थिक सहायता को लेकर कांग्रेस नेता विनोद शर्मा धरने में बैठे थे। ठेकेदार द्वारा एक लाख रुपए नकद की आर्थिक सहायता दी गई है। अन्य मदों से भी पीड़ित परिवार की मदद की जा रही है।

-विवेक गुप्ता, तहसीलदार, हुजूर।