उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में यदि सपा और कांग्रेस का गठबंधन होता है, तो प्रियंका गांधी और डिंपल यादव चुनाव का नेतृत्व कर सकती हैं। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हुई कई दौर की बैठकों के बाद यह बात राजनीतिक हलकों से निकल कर सामने आ रही है।

कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि उम्मीद है कि अखिलेश और डिंपल जल्द ही राहुल और प्रियंका गांधी से मिलकर प्रदेश चुनाव की रणनीति पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। इस दौरान गठबंधन होने की स्थिति में सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा हो सकती है।

प्रियंका और डिंपल साथ मिलकर भाजपा और बसपा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं क्योंकि दोनों ही बड़े पैमाने पर युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर सकती हैं। इसके अलावा ये जोड़ी यादव परिवार में चल रहे नाटक पर भी पर्दा डाल सकती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रियंका और डिंपल न सिर्फ कांग्रेस और सपा के गठबंधन की रणनीति तैयार कर रही हैं, बल्कि वे अपने राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस 100 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। हालांकि, सपा 60 से अधिक सीटें देने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन कांग्रेस को उम्मीद है कि सपा इस मामले में नरम पड़ सकती है।

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि अखिलेश खेमा कांग्रेस को 100 सीटें और रालोद को 25 सीटें देने के लिए सहमत हो गया है। सूत्रों का कहना सीटों के बंटवारे का फार्मूला साल 2012 के विधानसभा चुनाव में सीटों के जीतने के आधार पर तय होगा।