भाजपा नेता बाबूलाल गौर ने एक बार फिर अपनी पार्टी की सरकार को ही कटघरे में खड़ा करने वाला बयान दिया है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा की श्रद्धांजलि सभा में गौर ने कहा कि पहले के समय में सूटकेस (रिश्वत) आते थे और हम उसे वापस कर देते थे, लेकिन आजकल नेता सूटकेस मंगवाया करते हैं।

बाबूलाल गौर ने पटवा सरकार का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि गुप्त बात है, बताऊंगा तो कई लोगों को तकलीफ हो जाएगी। जब मैं बुलडोजर चलवा रहा था तो एक शख्स मेरे पास पैसों से भरा सूटकेस लेकर आया। मैंने यह बात पटवाजी को बताई तो उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हें क्या करना है? मैंने कहा कि क्या करेंगे, मैंने उस व्यक्ति को भगा दिया। पटवाजी के सीएम रहते किसी की मजाल नहीं थी, कोई मंत्री गड़बड़ी कर दे।

पटवा ने रिश्वत देने वाले को काम देने से कर दिया था इंकार

स्व. पटवा जी के साथी रहे कैलाश सारंग ने एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि जब पटवा सीएम थे तो एक बड़ा ठेकेदार मेरे पास काम मिलने के एवज में बड़ी रकम का ऑफर लेकर आया। मैंने पटवाजी को बताया। ठेकेदार 314 करोड़ में काम करने का ऑफर दे रहा था।

पटवाजी ने कहा कि यदि वह ठेकेदार सबसे कम कीमत में काम करने वाले ठेकेदार से कम दाम पर काम करेगा तो उसे ठेका देने को तैयार हैं। ठेकेदार से कह दीजिए कि हमें पैसा नहीं, काम चाहिए। पटवा को श्रद्धांजलि देने के उनके निवास पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी, जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता पहुंचे थे।

मैं जवाब नहीं दूंगा

गौर साहब के बयान पर मैं कोई जवाब नहीं दूंगा। - नरोत्तम मिश्रा, जनसंपर्क मंत्री

सीएम को बताएं गौर

 

भाजपा सरकार घोषणा पत्र के हिसाब से काम करने में जुटी है। जो कहा है, वही किया है। गौर साहब का कोई व्यक्तिगत अनुभव है तो इस बारे में मुख्यमंत्री को बताएं। - डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा