यदि आप शादी के लिए लड़की ढूंढ रहे हैं तो ध्यान रखिए। खूबसूरती का नकाब ओढ़े लड़की की नजर आपकी संपत्ति पर हो सकती है। वह धोखे के फेरे लेकर और छलावे का सिंदूर लगाकर कहीं आपको ठग ना ले। दरअसल, एक माह में चार लुटेरी दुल्हनें सामने आई हैं।

ये 17 से ज्यादा परिवारों से करोड़ों रुपए लूटकर भाग गई। इंदौर ही नहीं इन्होंने पूरे देश में ठगी का जाल बुनकर कई दूल्हों को झांसा दिया है। बढ़ती वारदातों को देख अब पुलिस भी सक्रिय हुई है और सभी मैरिज ब्यूरो और मैट्रीमोनियल साइट्स का संचालन करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उनसे कंपनी के प्रमाण मांगे हैं। कहा है कि जिन लोगों के रिश्ते करवाए जा रहे हैं उनका वेरिफिकेशन कराया जाए, ताकि फ्रॉड रोके जा सके।

अभी तक पुलिस की पकड़ में जितने भी गिरोह सामने आए हैं उनसे पूछताछ में यही तथ्य पाए गए हैं कि पति ही भाई और चाचा बनकर बीबी की शादी किसी और से करवा देते हैं। ये ऐसे पुरुषों की तलाश में रहते हैं, जो उम्रदराज हो गए हैं और उनकी शादी नहीं हो रही है या तलाकशुदा, विधुर हो। जमीन-जायदाद या सरकारी नौकरी वाले दिव्यांग भी इनके निशाने पर होते हैं। गिरोह मैरिज ब्यूरो और बिचौलियों की मदद से ऐसे परिवारों तक पहुंचते हैं और आसानी से विश्वास में ले लेते हैं।

50 हजार से 2 लाख रुपए तक वसूलते हैं

जांच में पता चला है कि हर गिरोह शादी कराने के लिए रुपयों की मांग करता है। वह खुद को आर्थिक रूप से असमर्थ बताकर दूल्हे के परिवार से रुपयों की मांग करते हैं। वे 50 हजार से 2 लाख रुपए शादी की तैयारियों के ले लेते हंै। इसके बाद गिने-चुने लोगों के बीच विवाह किया जाता है। इसमें मंदिरों में शादी या फिर आपसी सहमति से नोटरी बनाई जाती है। इस विवाह के दौरान लड़की के परिवार से सिर्फ चार से छह लोग ही उपस्थित रहते हैं। शादी के बाद दुल्हन घर में रखी तिजोरियों की टोह लेती है। वे पति से भी दूरी बनाकर रखती है। फिर मौका देखकर गहने और नकदी लेकर भाग जाती है।

कुंडली की जगह करवाए वेरिफिकेशन

पुलिस जांच में यह तथ्य पाए गए कि गिरोह योजना अनुसार काम कर रहा है। वह घटना के बाद एक-दूसरे से संपर्क न कर अलग-अलग हो जाते हैं। तब तक वह एक-दूसरे से नहीं मिलते जब तक कि मामला ठंडा नहीं पड़ जाता। वे एक शहर में ज्यादा दिन तक नहीं रहते। नए शहर में नए नाम और पहचान के साथ नए शिकार की तलाश में जुट जाते हैं। इन बढ़ते मामलों को देखते हुए डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्राथमिक सूचना मिलने पर तत्काल एक्शन लें। जनसुनवाई और कैंप के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। यदि शादी की जा रही है तो उनका पुलिस वेरिफिकेशन भी करवाए।

घूंघट की आड़ में खूबसूरत चेहरे का धोखा

 

- 18 दिसंबर- खजराना की गोयल विहार कॉलोनी में रहने वाली मेघा भार्गव ने 11 दुल्हों को ठगा। वह इनसे करोड़ों स्र्पए लेकर गायब हुई थी। उसने इंदौर, मुंबई, पुणे, राजस्थान और केरल में धोखाधड़ी की है। मेघा ने पूरा षड्यंत्र जीजा देवेंद्र, बहन प्राची और एक बिचौलिए महेंद्र की मदद से रचा था। इन्हें पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया।

- 22 दिसंबर को 22 वर्षीय प्रिया पिता प्रवीण शिंदे निवासी सावलछ (सांगली महाराष्ट्र) और उसके साथियों ने सुखलिया के 50 वर्षीय छोटेलाल मिश्रा को ठगा। वे सिक्युरिटी एजेंसी चलाते हैं।

- 4 दिसंबर को श्रद्धाश्री कॉलोनी की संगीता मालवीय और उसके तीन साथियों ने संग्रामपुरा, छतरपुर के किसान छन्नू शुक्ला से 1 लाख 60 हजार स्र्पए हड़पे। छन्नू उम्रदराज के साथ दिव्यांग भी हैं।

- 1 दिसंबर को आजाद नगर में दिव्यांग किराना व्यापारी रंजन तिवारी के साथ ठगी का मामला सामने आया। उन्हें फरीदा और उसके पति सहित अन्य सदस्यों ने ठगा था।

पति सलीम की मौत के बाद फरीदा ने इंदर से विवाह किया। उसके बाद वह और इंदर उनके गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से लोगों को ठगने लगे। उसने छह शादी कर साढ़े 3 लाख स्र्पए से ज्यादा हड़पे। इंदर कभी भाई तो कभी मामा बनकर शादी करवाता था। वह उसे हिंदू (ब्राह्मण परिवार) की लड़की बताकर शादी करवा देता था। शादी के कुछ दिन बाद ही वह स्र्पया व गहने लेकर गायब हो जाती थी। अब वह पुलिस गिरफ्त में है। उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

पहले वेरिफिकेशन करवाएं

बढ़ती घटनाओं को देखते हुए हमने एक्शन प्लान बनाया है। मैरिज ब्यूरो चलाने वालों को सतर्क किया जा रहा है। उन्हें निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे वेरिफिकेशन के बाद ही रिश्ता तय करवाएं। कैंप और जनसुनवाई में आने वाले मामलों में तत्काल कार्रवाई होगी। परिजन को जागरूक भी किया जाएगा कि वे अपने लड़के या लड़की की कुंडली मिलाने से पहले सामने वाले का वेरिफिकेशन कराएं। -हरिनारायणचारी मिश्रा, डीआईजी