राजधानी में 2016 में 276 महिलाओं के साथ ज्यादती की घटनाएं हुई। वारदात का ग्राफ पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी बढ़ गया है। खास बात यह है कि 45 फीसदी आरोपियों पर अपने ही लिवइन पार्टनर व प्रेम प्रसंग में फंसी पीडिताओं से ज्यादती के आरोप हैं। यह खुलासा भोपाल पुलिस की ओर से सोमवार को जारी किए गए अपराध के आंकड़ों में हुआ है।

पुलिस कंट्रोल रूम में हुई एक प्रेसवार्ता में डीआईजी रमन सिंह सिकरवार ने वर्ष 2016 के भोपाल पुलिस ने अपराध रिकॉर्ड जारी किए। महिला अपराध सबसे ज्यादा सामने आए हैं। बीते 2014 में ज्यादती का मामला 223 था। वह 2014 में घटकर 185 पर पहुंचा था। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 276 पर पहुंच गया है।

50 फीसद बढ़े ज्यादती के मामले

2016 में इस बार पचास फीसदी ज्यादती की वारदात में इजाफा हुआ है। ज्यादती की घटना को अंजाम देने वाले ज्यादातर आरोपी पीड़ित के पहचान के थे। इनमें 46 फीसदी पीड़िताएं लिवइन और प्रेमप्रसंग में ज्यादती की शिकार हो रही हैं। वह पीड़िता से दोस्ती करने के बाद उसको शादी का झांसा देकर ज्यादती की गई। हालांकि अफसर ज्यादती के मामलों में बढ़ोतरी पर अपना ही तर्क दे रहे हैं। अफसरों का कहना है कि आरोपी तीन साल से शादी का झांसा देकर ज्यादती कर रहा था। इसी साल महिला ने शिकायत पर पुलिस ने तत्क ाल एफआईआर दर्ज की।इस कारण से ग्राफ बढ़ गया ।

सुरक्षा के लिए पुलिस का चलेगा अभियान

भोपाल पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर 16 दिसंबर से 31 दिसंबर तक अभियान चला रही है। इसमें थानास्तर पर टीआई अपने पुलिस कर्मियों के साथ हॉस्टल कालोनी और मोहल्लों में घूम घूम कर महिला , छात्राओं से मुलाकत कर उनको भरोसा दिला रही है। पुलिस सुरक्षा हमेशा साथ है। इस अभियान को जनवरी महीने में भी लागू किया गया है।

ज्यादती के मामले में महिला की शिकायत पर तत्काल एफआईआर की गई है। इनमें कई पुराने मामले हैं। जिनमें प्रकरण दर्ज होने के बाद ग्राफ बढ़ा है। ज्यादती के अधिकांश मामलों में पीड़िता लिवइन और प्रेम प्रसंग में फंसाकर अंजाम दिया जा रहा है। - डा. रमन सिंह सिकरवार डीआईजी