अवर सचिव ने कहा- क्यों न रोकी जाएं आपकी दो वेतनवृद्धि, एपीएसयू कार्यपरिषद् की बैठक में शामिल होने की बात पर नोटिस

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार बी.भारती की रूखसती के बाद अब उनके नजदीक ी कही जाने वाली अतिरिक्त संचालक डॉ. उषा अवस्थी को दो वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का नोटिस दिया गया है। यह नोटिस उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह भलावी द्वारा जारी की गई है। वहीं एडी श्रीमती अवस्थी ने नोटिस को गलत करार दिया है। 

कुलपति से टसल का नतीजा? 

राजनीति का अखाड़ा बनते अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में अंतत: कुलपति डॉ. केएन यादव एकछत्र विजयी योद्धा साबित हो रहे हैं। पहले उनसे पंगेबाजी करने वाले कुलसचिव डॉ. बी भारती को विश्वविद्यालय से बाय-बाय होना पड़ा और अब उनके खिलाफ मुखरता दिखाने वाली एडी डॉ. उषा अवस्थी को विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में शासन की अनुमति के बिना शामिल होने पर दो वेतनवृद्धि रोकने की कार्यवाही की बात कही गई है। 

यह लिखा है पत्र में 

मिली जानकारी के मुताबिक उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह भलावे के पत्र क्रमांक 2122 दिनांक 08.12.2016 में डॉ. अवस्थी को कहा गया है कि आपको प्राचार्य की पदेन हैसियत से नामांकित किया गया था, आप अब उक्त पद पर पदस्थ नहीं है। अतिरिक्त संचालक न तो पदेन पदस्थ हैं और न ही आपको प्रमुख सचिव के प्रतिनिधि के रूप में नामांकित किया गया था। अत: बैठक में बिना अनुमति उपस्थित होना विभागीय आदेश का स्पष्ट उल्लघंन है। आपका नामांकन प्राचार्य के रूप में हुआ था, अतिरिक्त संचालक के रूप में नामांकन नहीं हुआ है। अत: आपके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं है। इस संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 15 दिवस के अन्दर प्रस्तुत करें। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की दशा में यह माना जावेगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। तदुपरांत विभाग द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी।

मैं प्रभारी एडी, मूलत: प्राचार्य ही 

इस संबंध में यह भी जानकारी मिली है कि अवर सचिव ने इस पत्र की प्रतिलिपि एपीएसयू के रजिस्ट्र्रार को भी भेजा है। वहीं जब मामले को लेकर डॉ. उषा अवस्थी से बातचीत की गई तो उन्होंने गुड मॉर्निंग को बताया कि वे प्रभारी एडी हैं। मूलत: वे प्राचार्य हैं और विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक में  वे जब भी शामिल हुई हैं तो बतौर प्राचार्य की पदेन हैसियत से ही शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि जीडीसी प्राचार्य डॉ. विनोद श्रीवास्तव भी काफी लम्बें समय तक एडी के चार्ज में रहे लेकिन आज वे वापस प्राचार्य ही हैं। इसलिये अवर सचिव के नोटिस का वे स्पष्टीकरण दे रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं 10-12 घंटे काम करती हूँ। और नियम से काम करती हूँ इसलिये मुझसे लोग चिढ़ते हैं तथा मेरे खिलाफ षडय़ंत्र रचते रहते हैं।