सात लाख रुपए से ज्यादा का सालाना वेतन पाने वाली आईएएस अफसर तन्वी सुंद्रियाल पर्यटन निगम के होटल के लिए 30 हजार रुपए में खरीदी गई लाइट वेट साइकल अपने घर ले गईं। तन्वी 2010 बैच की आईएएस अफसर हैं और इस वक्त पर्यटन विकास निगम में अतिरिक्त प्रबंध निदेशक हैं। सातवें वेतनमान के बाद 2010 के आईएएस अधिकारियों का मासिक वेतन 60 हजार रुपए से ज्यादा है।

मामला छिंदवाड़ा जिले के तामिया टूरिस्ट मोटेल का है। तन्वी सुंद्रियाल जब छिंदवाड़ा की जिला पंचायत सीईओ थीं तो टूरिस्ट मोटेल में पर्यटकों के लिए लाई गईं चार महंगी साइकलों में से एक अपने घर ले गईं। इसे उन्होंने अब तक नहीं लौटाया है। नवदुनिया से बातचीत में होटल के एक स्टाफ ने कहा कि वह साइकल अब भी तन्वी के पास है। वे जुलाई 2013 से सितंबर 2015 तक छिंदवाड़ा में पदस्थ थीं।

30 हजार रुपए की है एक साइकल

यह साइकलें पर्यटकों की सैर के लिए लाई गईं थीं। यह उन्हें 50 रुपए प्रति घंटे की दर से दी जाती थी। साइकल विशेषकर पहाड़ी इलाकों में चलाने के लिए है। पर्यटकों को इसे लाने-ले-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसलिए यह विशेष धातु से बनाई जाती है। इसका वजन भी 2 से 3 किलोग्राम रहता है। इस कारण एक साइकल की कीमत लगभग 30 हजार रुपए आती है। पर्यटक इसे अपने कंधे पर रखकर पहाड़ों में घूम भी सकते थे।

तन्वी ने नहीं दिया कोई जवाब

 

इस संबंध में पर्यटन विकास निगम की एएमडी तन्वी सुंद्रियाल से बात करने की कोशिश की गई। कई बार उन्हें मैसेज भी दिए, लेकिन इस मसले पर उन्होंने अपना कोई पक्ष नहीं रखा।

एक साइकल मैडम के पास

एक साइकल तन्वी मैडम के पास ही है। इस मसले पर मुझे न घसीटें। तन्वी मैडम और एमडी साहब से ही बात करें।

 

- आईए अंसारी, मैनेजर, तामिया टूरिस्ट मोटेल

 

ऐसा नहीं होना चाहिए

 

इस तरह के काम की संभावना तो नहीं है। फिर भी मैं इस मामले को दिखवाउंगा। 

 

- हरिरंजन राव, एमडी, पर्यटन विकास निगम

 

चेक करवाता हूं

 

मुझे कोई जानकारी नहीं है। आपने बताया है, तो चेक करवाऊंगा। 

 

- बीपी सिंह, मुख्य सचिव

Source ¦¦ सौरभ खंडेलवाल नई दुनिया से साभार